सरकार का मानना है कि टीओआर (TOR) के हिसाब से प्रस्ताव तैयार करने में जो वक्त लगता है, उस शर्त को हटा दिया जाए.

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  • Last Updated:
    November 6, 2019, 2:59 PM IST

नई दिल्ली. इंफ्रा प्रोजेक्ट्स (Infra Projects) की पर्यावरण संबंधी मंजूरी (Environmental Clearance) को कम से कम समय में देने के लिए सरकार मौजूदा नियमों में बदलाव करने जा रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार मौजूदा प्रक्रिया की कुछ शर्तों को हटाने जा रही है. इसमें सबसे अहम है टीओआर यानी टर्म ऑफ रेफरेंस (TOR).

दरअसल, कंपनियों को प्रोजेक्ट्स के लिए पर्यावरण संबंधी मंजूरी लेने से पहले टीओआर के हिसाब से प्रस्ताव तैयार करने होते हैं और उसमें अपने प्रोजेक्ट्स के बारे में सारी जानकारी देनी होती है. इस पूरी प्रक्रिया में करीब 2 से 3 महीने का वक्त लगता है. इसको तैयार करने बाद फिर पर्यावरण संबंधी अंतिम मंजूरी के लिए इसे कमिटी के पास भेजा जाता है. कमिटी सारी शर्तों को देखने के बाद मंजूरी देती है. ये भी पढ़ें: …तो क्या अब गोवा में फोटो खींचने पर देना होगा 500 रुपये का टैक्स, जानिए पूरा मामला

टर्म ऑफ रेफरेंस हटने से 4 महीने में मिलेगी मंजूरीसरकार का मानना है कि टीओआर के हिसाब से प्रस्ताव तैयार करने में जो वक्त लगता है, उस शर्त को हटा दिया जाए. प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए सभी डिटेल्स के साथ पर्यावरण संबंधी मंजूरी के लिए सीधे कमिटी के पास भेजा जाए. टीओआर के हिसाब से प्रस्ताव तैयार करने में करीब 2 से 3 महीने का वक्त लगता है. अगर इसे हटा दिया जाए तो प्रोजेक्ट्स को 3 से 4 महीने में मंजूरी मिल जाएगी और शर्तों में भी किसी बात की ढील नहीं दी जाएगी. अभी इसमें 8 से 9 महीने का वक्त लगता है.

पर्यावरण मंत्रालय में इस मसले पर बातचीत हुई है और इस पर सहमति भी बन गई है.

(प्रकाश प्रियदर्शी, संवाददाता- CNBC आवाज़)

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First published: November 6, 2019, 2:58 PM IST





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