Sunday, September 20, 2020
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इस्लामिक स्कूल से चेन में बंधे और जख्मी हालात में मिले 15 बच्चे, पुलिस ने छुड़ाया

इस्लामिक स्कूल से चेन में बंधे और जख्मी हालात में मिले 15 बच्चे, पुलिस ने छुड़ाया

पुलिस ने इस्लामिक स्कूल से चेन में बंधे और जख्मी हालात में मिले 15 बच्चे को छुड़ा लिया है.

नाइजीरिया के एक इस्लामिक स्कूल (Islamic School In Nigeria) में 15 बच्चे जख्मी हालात (Fifteen Children Rescued) में पाए गए हैं. उनके पूरे शरीर पर खूब सारे खरोंच (Scars) के निशान पाए गए हैं.

अबुजा. नाइजीरिया के एक इस्लामिक स्कूल (Islamic School In Nigeria) में 15 बच्चे जख्मी हालात (Fifteen Children Rescued) में पाए गए हैं. उनके पूरे शरीर पर खूब सारे खरोंच (Scars) के निशान पाए गए हैं. इन सभी बच्चों को चेन में बांध कर प्रताड़ित किया जा रहा था. पुलिस ने इन बच्चों को स्कूल प्रबंधक की चंगुल से मुक्त कराया. यह स्कूल सेंट्रल नाइजीरिया में है. पुलिस द्वारा छुड़ाए गए इन बच्चों की उम्र दो वर्ष से लेकर 10 साल के बीच थी. नाइजर प्रांत के सुलेजा शहर में स्थित कुरान स्कूल में ये बच्चे बहुत अमानवीय परिस्थितियों में गुलामों की तरह चेन से बंधे हुए पाए गए.

पिछले साल भी 1,000 लोग बुरी हालत में छुड़ाए गए थे

नाइजर प्रांत के क्षेत्रीय पुलिस प्रवक्ता वसीअु ओबैउद्दीन ने मंगलवार को कहा कि जिस मकान में बच्चे पाए गए, वहां इनकी पैरों में तीन चेन से पैरों को बांधकर रखा गया था. ये बच्चे पुलिस की छापामारी के दौरान छुड़ाए गए. पिछले साल ऐसे संस्थानों से करीब 1,000 लोगों को छुड़ाया गया था, जिनमें ज्यादातर बच्चे थे.

46 वर्षीय मौलाना है स्कूल का संचाल , गिरफ्तार ओबैउद्दीन ने कहा कि बच्चों के शरीर पर यात्नाओं, खरोंच और जख्म के निशान पाए गए हैं. उन्होंने बताया कि इस स्कूल का संचालक 46 वर्षीय मौलाना है, जिसका नाम उमर अहमद है. पुलिस ने उमर को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में अभी पड़ताल जारी है और जल्द ही इस मामले को अदालत में ले जाया जाएगा.

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नाइजीरिया में इस्लाम धर्म के स्कूल चलाए जाते हैं जिन्हें अल्माजिरी स्कूल के नाम से जाना जाता है. इन स्कूलों में तमाम बुनियादी सुविधाओं का अभाव होता है. इसके चलते इन स्कूलों की बहुत आलोचना होती रहती है. इन स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान ना देकर उनके साथ बुरा व्यवहार किया जाता और जिसके चलते यहां के बच्चे सड़कों पर भीख मांगने के लिए मजबूर होते हैं.

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