Sunday, September 27, 2020
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इस देश में डकैतों को आत्मसमर्पण के लिए AK-47 राइफ़ल के बदले मिलेंगी दो गाय | rest-of-world – News in Hindi

इस देश में डकैतों को आत्मसमर्पण के लिए  AK-47 राइफ़ल के बदले मिलेंगी दो गाय

डकैतों को आत्मसमर्पण के बदले मिलेगी गाय

ज़मफ़ारा प्रांत (Zamfara state) में डकैतों और लुटेरों के एक गिरोह को आत्मसमर्पण करने के लिए सरकार ने एक काफी हटके ऑफर दिया है. स्थानीय प्रशासन ने ऐलान किया है कि आत्मसमर्पण करने वाले डकैतों को हर एक AK-47 राइफ़ल के बदले दो गायें दी जाएंगी.

नाइजर. नाइजीरिया (Nigeria) के उत्तर-पश्चिमी ज़मफ़ारा प्रांत (Zamfara state) में डकैतों और लुटेरों के एक गिरोह को आत्मसमर्पण करने के लिए सरकार ने एक काफी हटके ऑफर दिया है. स्थानीय प्रशासन ने ऐलान किया है कि आत्मसमर्पण करने वाले डकैतों को हर एक AK-47 राइफ़ल के बदले दो गायें दी जाएंगी. ज़मफ़ारा के गवर्नर बेलो मटावाल्ले ने कहा है कि अपराध की ज़िंदगी छोड़कर एक ज़िम्मेदार नागरिक के तौर पर आम ज़िंदगी जीने के लिए प्रेरित करने का यह सरकार का एक प्रयास है. इस इलाके में डकैतों के एक गिरोह का काफी वक़्त से आतंक कायम है.

बता दें कि नाइजीरिया के इस इलाके में फ़ुलानी चरवाहा समुदाय रहता है जिनकी नज़र में गाय काफी कीमती मानी जाती है. इन गायों को लूटने के लिए इस समुदाय के कुछ लोग डकैतों का गैंग बनाकर हमले और लूटमार करते हैं. बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तरी नाइजीरिया में औसतन एक गाय की कीमत 1 लाख नायरा (260 डॉलर) होती है जबकि काला बाज़ारी में एक AK-47 राइफ़ल की कीमत 5 लाख नायरा (1,200 डॉलर) पड़ती है. एक हालांकि ये सौदा घाटे का है लेकिन सजा से बचकर नया जीवन शुरू करने के लिए दो गायों से शुरुआत बुरी नहीं मानी जा रही है.

डकैतों ने की है आत्मसमर्पण की अपील
बता दें कि गायों के पूजनीय होने के बावजूद इस डकैतों ने अपनी गायें बेचकर AK-47 राइफल्स खरीदी थीं और फिर लूटमार का धंधा शुरू कर दिया था. गवर्नर मटावाल्ले ने एक बयान में कहा, ‘पश्चाताप करने वाले इन डकैतों ने पहले अपनी गायों के बदले बंदूकें खरीदीं लेकिन अब ये अपराध से मुक्त होना चाहते हैं. हम उनसे अपील कर रहे हैं कि हमें AK-47 राइफल लाकर दो और बदले में दो गायें ले जाओ. हमें उम्मीद है कि ये योजना उनको सशक्त और प्रोत्साहित करेगी.’

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मिली जानकारी के मुताबिक ये डकैत घने जंगलों से अपना नेटवर्क चलाते हैं और पड़ोस के राज्यों में लूटमार करते हैं. ये अक्सर दुकानें, जानवर, अनाज लूटते हैं और फिरौती के लिए लोगों को बंधक बनाते हैं. जमफारा में हाल ही में हुए एक हमले में हथियारबंद डकैतों ने टलाटा मफारा में 21 लोगों को मार दिया था. अंतरराष्ट्रीय संकट समूह के अनुसार, पिछले दशक में केब्बी, सोकोट, जमफारा और पड़ोसी देश नीजेर में 8,000 से अधिक लोग मारे गए थे. इन हमलों के पीछे संसाधनों को लेकर दशकों तक चली प्रतिद्वंद्विता है जो जातीय फुलानी चरवाहे समूह और किसान समुदायों के बीच है. जमफारा के अधिकतर नागरिक किसान हैं और राज्य का आदर्श-वाक्य भी ‘कृषि हमारा गौरव है.’ गवर्नर ने यह भी वादा किया है कि वो जंगल से लूटमारी करने वाले डकैतों के कैंप को भी हटा देंगे.

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