Wednesday, October 21, 2020
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कोरोना की वजह से क्यों गिर रहा है भारतीय शेयर बाजार, 1 हफ्ते में डूब गए 23 लाख करोड़ रुपए

नई दिल्ली. चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस  (Corona virus) अब 100 से अधिक देशों में अपने पैर पसार चुका है. कोरोना वायरस का प्रकोप अब भारत में भी धीरे-धीरे फैल रहा है. भारत में कोरोना वायरस के 74 मामले सामने आए हैं. इसी वजह से शेयर बाजारों में भी बेचैनी बढ़ गई और हफ्ते भर में सेंसेक्स 5000 अंक से ज्यादा टूट गया. ऐसा ही असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है. ऐसे में अब सवाल उठता है कि इस गिरावट के बीच निवेशकों को क्या करना चाहिए. जिन्होंने शेयर बाजार की तेजी से खुश होकर म्यूचुअल फंड्स स्कीम में पैसा लगाया उनका क्या होगा? क्योंकि एक हफ्ते में निवेशकों के 23 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए है. डिजिटल प्राइम टाइम में आज हम आपको इससे जुड़े सवालों के जवाब देने की कोशिश करेंगे….

कोरोना की वजह से क्यों टूट रहे हैं शेयर बाजार
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया है. सभी देशों ने अपनी अंतरराष्ट्रीय सीमा बंद करनी शुरू कर दी हैं. भारत ने कोरोना वायरस के मद्देनजर विदेश से आने वाले लोगों का वीजा 15 अप्रैल तक के लिए सस्पेंड कर दिया है. इस प्रतिबंध से राजनायिकों, अधिकारियों, संयुक्त राष्ट्र संघ और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कर्मचारियों को छूट मिलेगी. फ्रांस, जर्मनी और स्पेन के नागरिकों के नियमित और ई-वीजा पर रोक लगा दी गई है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते एक महीने के लिए ब्रिटेन को छोड़कर बाकी यूरोप से लोगों के अमेरिका आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इससे दुनियाभर में चिंताएं बढ़ गई हैं. इसीलिए शेयर बाजार, करंंसी मार्केट, बॉन्ड मार्केट में तेज गिरावट आई है.

एक हफ्ते में निवेशकों के 23 लाख करोड़ रुपये डूबेWHO के कोरोना वायरस को महामारी घोषित करने के बाद दुनिया भर के बाजारों में हुई भारी गिरावट का असर घरेलू शेयर बाजारों में भी देखा गया. एक हफ्ते में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स 5600 प्वाइंट्स से ज्यादा टूटा है. बाजार में ये गिरावट ग्लोबल मार्केट में भारी बिकवाली की वजह से आई है. कोरोना के चलते दुनिया भर के शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी है. कोरोना के डर से ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ घटने की वजह से शेयर बाजार में जमकर बिकवाली हो रही है.

पिछले एक हफ्ते में सेंसेक्स में गिरावट से निवेशकों को करीब 23 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है. 3 मार्च को बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1,48,19,366.75 करोड़ रुपये था. यह 12 मार्च को 22,95,768.73 करोड़ रुपये से घटकर 1,25,23,598.02 करोड़ रुपये पर आ गया. इस तरह निवेशकों को सिर्फ एक हफ्ते में ही 23 लाख करोड़ रुपये का चूना लगा.

कोरोना वायरस का अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर कैसे होगा असर-

(1) आर्थिक अनुमान में कटौती
कोरोना वायरस का असर ग्लोबल इकोनॉमी पर पड़ने लगा है. कई बड़े इंस्टीट्यूशंस और बैंकों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के अनुमानों में कटौती की है. ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (OECD) ने अपनी मार्च रिपोर्ट में लगभग सभी अर्थव्यवस्थाओं के लिए 2020 का ग्रोथ अनुमान घटा दिया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में 2.4% की वृद्धि होने की संभावना है, जो पहले के अनुमान 2.9 फीसदी से कम है.

(2) मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में स्लोडाउन
कोरोना वायरस के फैलने से चीन में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. चीन की मैन्यूफैक्चरिंग गतिविधियों की स्थिति बताने वाला मैन्यूफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) फरवरी में गिरकर 35.7 पर आ गया. चीन ने 2005 से इस तरह के आंकड़े देना शुरू किया है और ताजा आंकड़ा अब तक का सबसे निचला स्तर है. जनवरी में मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई 50 पर था. चाइनीज मैन्युफैक्चरिंग स्लोडाउन से एशिया पैसिफिक इकोनॉमिज जैसे वियतनाम, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया पर भी असर पड़ा है. अर्थशास्त्रियों का कहना है कि कोविड-19 के चीन से बाहर फैलाव से ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां लंबे समय तक प्रभावित रह सकती हैं.

(3) सर्विस इंडस्ट्री पर बुरा असर
चीन में कोरोना वायरस फैलना का असर सर्विस इंडस्ट्री पर भी पड़ा है. चीन के अलावा अमेरिका की सर्विस इंडस्ट्री भी फरवरी में कुछ सिमटी है. कंज्यूमर स्पेंडिंग घटने से रिटेल स्टोर, रेस्टोरेंट्स और एविएशन समेत अन्य इंडस्ट्री को झटका लगा है.

(4) कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में कटौती से कच्चे तेल की मांग कम हो गई है. जिसके चलते कच्चे तेल की कीमतें 30 सालों के निचले स्तर पर आ गई हैं. इसके अलावा, कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती पर ओपेक और इसके साथी देशों पर असहमति की वजह से तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है. सिंगापुर के DBS बैंक के एनालिस्टों का कहना है कि वायरस फैलने के चलते कच्चे तेल की मांग घटी है. बता दें कि ब्रेंट क्रूड 30 साल के निचले स्तर यानी 34 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है. चीन दुनिया का सबसे बड़ा तेल आयातक देश है. लेकिन कोरोना वायरस फैलने की वजह यहां तेल की मांग घट गई है. वहीं, इटली औऱ यूरोप के अन्य हिस्सों में कोरोना वायरस के फैलाव से ओपेक देशों को मांग खराब होने की चिंता बढ़ गई है.

(5) ग्लोबल मार्केट में हाहाकार
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर COVID-19 के प्रभाव के डर ने निवेशकों की भावना को आहत किया है और प्रमुख शेयर बाजारों में हाहाकार मच गया है. अमेरिका, जापान, भारत, समेत दुनिया भर के शेयर बाजारों में भारी गिरावट का दौर जारी है. बाजार में गिरावट से निवेशकों को अरबों का नुकसान हुआ है.

अब क्या करें? 

(1) सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर और ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स प्राइवेट लिमिटेड के एमडी एंड सीईओ पंकज मठपाल ने NotSocommon हिन्दी को बताया कि बाजार में जिस तरह की बिकवाली है, वैसे में निवेशकों का घबराना भी लाजिमी है. शेयर बाजार में करेक्शन बाकी था. करेक्शन के लिए एक ट्रिगर चाहिए था जो अब कोरोना वायरस के रूप में मिल गया है. बाजार कहां तक गिरेगा किसी को पता नहीं है. ऐसे में निवेशकों को फिलहाल बाजार से दूर रहना चाहिए औऱ उन्हें एसआईपी करते रहना चाहिए.

मठपाल ने कहा कि बाजार में गिरावट के बीच निवेशकों को म्यूचुअल फंड में बना रहना चाहिए. उनको एसआईपी करते रहना चाहिए. इस माहौल में निवेशकों को सेक्टर फंड से दूरी बनाना चाहिए. उनको डाइवर्सिफाइड इक्विटी फंड में निवेश करना चाहिए. लार्जकैप और मल्टीकैप फंड बेहतर विकल्प है.

(2)  एंजेल ब्रोकिंग कमोडिटीज के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता ने बताया कि लंबे समय के नजरिए से सोने में निवेश किया जा सकता है. फिलहाल, सोने का भाव करीब 45 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम है. उन्होंने कहा, ‘सोने की कीमतें अभी हाई पर हैं. इसमें गिरावट आने पर निवेश किया जा सकता है. कोरोना वायरस की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में आ गई है. ऐसे में सोने में निवेश कर मुनाफा कमाया जा सकता है. दिवाली तक सोने का भाव 48 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है.’

(3) केडिया कमोडिटीज के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि बाजार में गिरावट के बीच निवेशकों को अच्छे शेयरों में निवेश का मौका बना है. खासकर बैंकिंग और कंजम्पशन शेयरों में. बाजार में स्थिरता आने के बाद इनमें निवेश किया जा सकता है.

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