Friday, October 2, 2020
Home समाचार जर्मनी: एक नर्स ने 85 मरीजों को जानबूझ कर कार्डियेक अरेस्ट करवाया,...

जर्मनी: एक नर्स ने 85 मरीजों को जानबूझ कर कार्डियेक अरेस्ट करवाया, उम्रकैद की अपील खारिज

जर्मनी: एक नर्स ने 85 मरीजों को जानबूझ कर कार्डियेक अरेस्ट करवाया, उम्रकैद की अपील खारिज

जर्मनी में एक नर्स ने 85 मरीजों को जानबूझ कर कार्डियेक अरेस्ट करवाया. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

जर्मन संघीय अदालत ने जानबूझकर कार्डियो अरेस्ट (Cardiac Arrest) करवाने और 85 मरीजों की हत्या के दोषी (Murder) एक नर्स की मौत की सज़ा और उम्रकैद (Life Imprisonment) की अपील को खारिज कर दिया है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 12, 2020, 2:59 PM IST

बर्लिन. जर्मन संघीय अदालत ने जानबूझकर कार्डियो अरेस्ट (Cardiac Arrest) करवाने और 85 मरीजों की हत्या के दोषी (Murder) एक नर्स की मौत की सज़ा और उम्रकैद (Life Imprisonment) की अपील को खारिज कर दिया है. नील्स होएगेल को जून 2019 में उत्तरपश्चिमी शहर ओल्डेनबर्ग में एक अदालत ने दोषी ठहराया था. उस पर आरोप है कि वह रोगियों को हृदय रोग की दवा और अन्य दवाओं के ओवरडोज का इंजेक्शन लगाया करता था. इस इंजेक्शन के कारण उन्हें हार्ट अटैक हो जाता था फिर उन्हें बचा लेने से उसे अपार ख़ुशी और आनंद की प्राप्ति होती थी. उसे रोगियों को बचा कर वापस लाने की सफलता कम ही मिली और कम से कम 87 मामलों में रोगियों की मृत्यु हो गई. इतनी बड़ी संख्या में हत्या करने के कारण नील्स होएगेल को आधुनिक जर्मनी का सबसे बड़ा सीरियल किलर माना जाता है.

होएगेल पर हत्या के 100 मामले दर्ज

होएगेल ने 1999 से 2002 के बीच ओल्डेनबर्ग के एक अस्पताल में और 2003 से 2005 तक पास के ही डेलमेनहॉर्स्ट के एक अन्य अस्पताल में काम किया. कुल मिलाकर होएगेल पर हत्या के 100 मामले दर्ज किये गए, जिनमें अदालत ने 15 में सबूतों की कमी के कारण दोषी नहीं माना है. पिछले साल एक मुकदमे में उसे दो मामलों में हत्या और दो मामलों में हत्या कोशिश का दोषी ठहराया गया जिसके लिए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. उसे मरीजों की देखभाल या बचाव के काम करने के लिए जीवन भर के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है.

ये भी पढ़ें: दोहा बैठक के बाद अफगानिस्तान में आएगी शांति, US-NATO के सैनिक वापस जाएंगे पांच बीमा कंपनियों से 9 करोड़ रुपये ठगने के लिए लड़की ने प्रेमी से अपना हाथ कटवाया 

ट्रायल कोर्ट ने होएगेल माफ़ी की अपील पर विचार करते हुए उसके अपराधों की “विशेष गंभीरता” को ध्यान में रखते हुए कहा कि उसकी 15 साल की आजीवन कारावास सजा पूरे होने के बाद भी रिहा नहीं किया जाएगा. मुकदमे के दौरान होएगेल ने 43 हत्याओं को स्वीकार किया जबकि पांचों को विवादित और अन्य 52 बारे में कहा कि उसे कुछ याद नहीं आ रहा.

Source link

Leave a Reply

Most Popular

%d bloggers like this: