Thursday, October 29, 2020
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ट्यूमर के ऑपरेशन के लिए नीदरलैंड ने बनाया ऐसा टूल, देख कर घबरा जाएंगे आप

ट्यूमर के ऑपरेशन के लिए नीदरलैंड ने बनाया ऐसा टूल, देख कर घबरा जाएंगे आप

इसकी मदद से सर्जरी के दौरान ट्यूमर, रक्त के थक्कों को हटाने में आसानी होगी. (सांकेतिक तस्‍वीर)

परजीवी ततैया (Parasitic Wasp) की तर्ज पर पतली ट्यूब जैसा यह सर्जिकल उपकरण (Surgical Instruments) इस तरह डिजाइन किया गया है कि इससे सर्जरी (Surgery) के दौरान ट्यूमर और रक्त के थक्कों को आसानी से हटाया जा सकेगा.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 3, 2020, 11:48 AM IST

नीदरलैंड की डेल्फ्ट यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (Delft University of Technology in Netherlands) ने परजीवी ततैया (Parasitic Wasp) की तर्ज पर पतली ट्यूब जैसे सर्जिकल उपकरण को डिजाइन किया है. इससे सर्जरी (Surgery) के दौरान ट्यूमर और रक्त के थक्कों को आसानी से हटाया जा सकेगा. परजीवी के इस ट्यूब और सुईनुमा अंग को ओविपोजिटर (ovipositor) कहा जाता है. परजीवी अपने इस अंग की मदद से अपने अंडों को अंडाशय में रखते हैं. यह अंग एक तरह से लकड़ी में छेद करने वाली ड्रिल मशीन के रूप में देखा जा रहा है. परजीवी का यह अंग लकवा पीड़ितों के इलाज में भी मददगार साबित हो सकता है.

मेल ऑनलाइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस उपकरण का उपयोग शरीर के ऊतकों (Tissues) के नमूनों को निकालने और छोटी से छोटी सर्जरी करने के लिए किया जा सकता है. इन परजीवियों का ओवीपोजिटर अंग एक ऐसा अंग है जिसकी मदद से परजीवी कीड़ें अंडों की शारीरिक संरचना बनाने और उसे इंजेक्ट (Inject) करने के लिए भी करते हैं. इस प्रोटोटाइप (Prototype) के बारे में लिखने वाली नीदरलैंड की डेल्फ्ट यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी की बायोकेमिकल इंजीनियर एमी सेके ने बताया कि इस परजीवी का ओवीपोजिटर अंग इतना पतला होता है कि यह शरीर की मांसपेशियों में आसानी से फिट हो सकता है. उन्होंने आगे कहा कि यही कारण है कि उन्होंने इसे दोबारा बनाने का फैसला लिया है.

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बता दें कि शोधकर्ताओं ने भी इस प्रोटोटाइप के आकार को परखा है ताकि यह ऊतकों और अंगों को स्थिर कर सके. इससे मौजूदा सर्जिकल उपकरण और तकनीकों से सर्जरी के दौरान हुए आघात को कम करने में मदद मिलेगी. इससे मरीजों के इलाज में लगने वाले समय में कमी की उम्मीद की जा रही है. सेके के मुताबिक इससे छोटी-छोटी सर्जरी के क्षेत्र में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा.ये भी पढ़ें -Irritable Bowel Syndrome: जानिए क्‍या है इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, कैसे मिलेगी इस दर्द से राहत

परजीवी के बारे में सेके ने कहा कि ओवीपोजिटर में छोटे-छोटे ब्लेड होते हैं जो जीभ से होते हुए नाली तंत्र तक जाते हैं. उन्होंने आगे बताया कि सर्जरी के दौरान मौजूदा सर्जिकल उपकरणों से खून के थक्के हटाते वक्त कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि यह नया उपकरण सर्जरी के लिए बहुत मददगार साबित होगा.

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