Monday, September 21, 2020
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ट्रांसजेंडर महिलाओं के वुमन रग्बी टीम में शामिल होने पर लग सकता है बैन, जानिए क्यों? | rest-of-world – News in Hindi

ट्रांसजेंडर महिलाओं के वुमन रग्बी टीम में शामिल होने पर लग सकता है बैन, जानिए क्यों?

ट्रांसजेडर महिलाओं के वुमन रग्बी टीम में शामिल होने पर बैन लगाया जा सकता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वर्ल्ड रग्बी फेडरेशन (World Rugby Fedration) ट्रांसजेंडर महिलाओं (Trans gender Women) को महिलाओं की रग्बी खेलने पर बैन (Ban) लगाने पर विचार कर रहा है.

टोरंटो. वर्ल्ड रग्बी फेडरेशन (World Rugby Fedration) ट्रांसजेंडर महिलाओं (Trans gender Women) को महिलाओं की रग्बी खेलने पर बैन (Ban) लगाने पर विचार कर रहा है. हाल ही में हुए एक शोध से कुछ चिंताजनक नतीजे सामने आए हैं. इन नतीजों के आधार पर फेडरेशन को ऐसा निर्णय लेने के बारे में सोचने को मजबूर होना पड़ा है. द गार्जियन के अनुसार ट्रांसजेंडर वर्किंग ग्रुप द्वारा बनाए 38 पेज के दस्तावेज में यह स्वीकार किया है कि उस मामले में चोट लगने की संभावना कम से कम 20-30% अधिक ज्यादा हो जाती है जब एक महिला खिलाड़ी खेल में किसी ट्रांस खिलाड़ी से टकराती है जो पुरुषत्व (male puberty) की अवस्था से गुजरा हो. इस दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि विज्ञान के नए शोधों से यह सिद्ध हुआ है कि ट्रांसजेंडर महिलाओं द्वारा अपने टेस्टोस्टेरोन स्तर को कम करने के लिए दवा लेने के बाद भी उनकी शारीरिक शक्ति जैविक महिलाओं (Biological Women) से अधिक रहती है.

ट्रांसजेंडर महिलाओं को टेस्टोस्टेरोन लेवल कम रखना होगा

इस शोध के सामने आने के बाद वर्ल्ड रग्बी फेडरेशन के कार्यदल ने यह सुझाव दिया कि उसका वर्तमान नियम अपना उद्देश्य पूरा करने में असमर्थ है. वर्तमान नियमों के अनुसार ट्रांसजेंडर महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के दिशानिर्देशों के अनुसार कम से कम 12 महीने तक अपने टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम रखना होगा तभी उसे महिला रग्बी खेलने की अनुमति दी जा सकती है.

ट्रांसजेडर को महिलाओं के खेल में शामिल करने को लेकर ड्राफ्ट तैयारमहिलाओं के खेल में ट्रांसजेंडर महिलाओं के शामिल करने को लेकर बने इस ड्राफ्ट को महिलाओं के समूहों द्वारा अलग अलग नजरिए से देखा जा रहा है. हालांकि ट्रांसजेंडर समूहों द्वारा इस ड्राफ्ट का स्वागत नहीं किया जा रहा है. इस ड्राफ्ट में यह कहा गया है कि यदि वैज्ञानिक साक्ष्य (scientific evidence) में बदलाव होता है तो कार्य समूह अपनी स्थिति पर दुबारा विचार कर सकता है. इस ड्राफ्ट में यह भी सिफारिश की गई है कि ट्रांस पुरुषों को जैविक पुरुषों (biological men) के साथ खेलने की अनुमति दी जानी चाहिए बशर्ते उन्होंने एक शारीरिक मूल्यांकन किया हो और एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हों.

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यह ड्राफ्ट या प्रपोजल जो व्यक्तिगत यूनियनों की प्रतिक्रिया के लिए भेजा गया था, एक व्यापक परामर्श प्रक्रिया का एक परिणाम है जो फरवरी में प्रमुख वैज्ञानिकों, चिकित्सा और कानूनी विशेषज्ञों के साथ-साथ ट्रांस और महिलाओं के प्रतिनिधियों के साथ एक ग्राउंड-ब्रेकिंग मीटिंग के साथ शुरू हुई थी. एक ट्रांस महिला जब टेस्टोस्टेरोन का स्तर दबाने वाली दवा लेती है तो उन दवाओं से फायदों या लाभों को कम नहीं किया जा सकता जो उसे मेल प्यूबर्टी से प्राप्त हुए थे.

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