Sunday, November 1, 2020
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…तो क्या सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम में ब्याज आय हो सकती है पूरी तरह टैक्स फ्री

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने हाल में अप्रैल-जून तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम (Small Saving Scheme) यानी छोटी बचत स्कीमों की ब्याज दरें तय की है. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और नेशनल सेविंग्स स्कीम (NSC) समेत इन सभी सभी स्कीम्स पर ब्याज दरों में 0.70 फीसदी से 1.40 फीसदी के बीच कटौती हुई है. लेकिन इन सब के बीच SBI की ओर से जारी रिसर्च रिपोर्ट में सरकार को सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) पर ब्याज आय को पूरी तरह टैक्स फ्री बनाने का सुझाव दिया गया है. रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक ब्याज दरें घटने से सीनियर सीटिजन की बचत पर बड़ा असर होगा क्योंकि उनकी इससे रेगुलर इनकम में कमी आएगी.

इसलिए मिलनी चाहिए सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम में छूट

(I) SBI रिपोर्ट में कहा गया है कि स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की दर में कटौती से बुजुर्ग लोगों पर बड़ा असर होता है. SBI इकोरैप रिपोर्ट में दिए गए आकलन के मुताबिक भारत में लगभग 4.1 करोड़ सीनियर सिटीजन टर्म डिपॉजिट अकाउंट हैं जिनमें 14 लाख करोड़ रुपये कुल जमा हैं.

आपको बता दें कि सरकार ने SCSS स्कीम के ब्याज को 8.6 फीसदी से घटाकर 7.4 फीसदी कर दिया है. इसीलिए यह जरूरी है कि सरकार विशेषकर सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) के लिए ब्याज आय को टैक्स से छूट दे.(II) स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज में कटौती अनिवार्य थी. क्योंकि स्मॉल सेविंग स्कीम्स के साथ 10 साल की सरकारी गारंटी मौजूद है, रेट में कटौती से स्मॉल सेविंग और बैंक की दर में अंतर कम होगा. रिपोर्ट में कहा गया कि वर्तमान में भी स्मॉल सेविंग स्कीम्स पर ब्याज दरें बैंक डिपॉजिट के मुकाबले बेहतर हैं.

(III) देश में सीनियर सिटीजन टर्म डिपॉजिट की संख्या 4.1 करोड़ है जिसके साथ 14 लाख करोड़ रुपये कुल जमा हैं.  वहीं, प्रति अकाउंट पर डिपॉजिट का साइज लगभग 3.3 लाख रुपये है और ऐसे डिपॉजिट से ब्याज आय ने वित्त वर्ष 2019 में अंतिम निजी व्यय का 5.5 फीसदी रही. आपको बता दें कि SCSS स्कीम के तहत सीनियर सिटीजन अकाउंट में 15 लाख रुपये तक जमा हो सकता हैं.

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम की खास बातें

(1) SCSS में डिपॉजिट की अधिकतम रकम या तो रिटायरमेंट पर मिलने वाली रकम हो सकती है या 15 लाख रुपये. इन दोनों में से जो भी रकम कम हो, उसे SCSS में निवेश किया जा सकता है.

(2) अगर आपकी उम्र 60 साल है और आप जॉब से रिटायर हो चुके हैं तो आप इस स्कीम में निवेश कर सकते हैं. एससीएसएस के तहत सिंगल या जॉइंट अकाउंट खोला जा सकता है. पोस्ट ऑफिस या किसी बैंक में एससीएसएस के तहत निवेश किया जा सकता है. एससीएसएस के मुताबिक, जॉइंट या सिंगल अकाउंट खोलकर इसमें 15 लाख तक निवेश किया जा सकता है.

(3) एससीएसएस में निवेश की गई रकम रिटायरमेंट पर मिलने वाली रकम से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. एससीएसएस में खाता खोलने के लिए अगर आप 1 लाख रुपये तक का निवेश कर रहे हैं तो आप इसे नकद दे सकते हैं. अगर यह रकम 1 लाख रुपये से अधिक है तो आपको इसे चेक के रूप में जमा करना होगा.

(4) केंद्र सरकार का वित्त मंत्रालय हर तीन महीने पर एससीएसएस की ब्याज दर की समीक्षा करता है. एससीएसएस में ब्याज का कैलकुलेशन हर तिमाही होता है. इस हिसाब से आपके अकाउंट में 31 मार्च, 30 जून, 30 सितंबर और 31 दिसंबर को ब्याज की रकम डाल दी जाती है. मौजूदा समय में 7.4 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है.

(5)  एससीएसएस की अवधि 5 साल की होती है और इसे तीन साल के लिए बढ़ाया जा सकता है. अगर आप समय से पहले एससीएसएस खाते से रकम निकालते हैं तो इसके लिए आपको कुछ शुल्क देना पड़ सकता है.

(6) एससीएसएस 2019 के अनुसार खाते की मैच्योरिटी के बाद उसे 3 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है. एससीएसएस में आपको ब्याज दर वही मिलेगी, जो खाते के मैच्योर होने के वक्त मिल रही थी.

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