Friday, October 30, 2020
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बारहवीं के बाद ऐसे बनें Commercial Pilot, जानें फीस-सैलरी से लेकर सब कुछ

भारत में एविएशन सेक्टर तेजी से विकास कर रहा है. कॉमर्शियल पायलट एक ऐसा जॉब है जिसकी मांग कभी कम नहीं होने वाली. IBFE(इंडिया ब्रैंड इक्विटी फाउंडेशन) के अनुसार भारत की सिविल एविएशन इंडस्ट्री काफी ग्रोथ कर रही है. 2020 तक ये उम्मीद जताई जा रही है कि भारत विश्व का तीसरा बड़ा एविएशन मार्केट बन जाएगा. ऐसे में इस सेक्टर में काफी भर्तियां होंगी और कॉमर्शियल पायलट की मांग भी खूब बढ़ जाएगी. हालांकि रोमांच से भरे इस जॉब में काफी साहस और समझदारी की भी जरूरत होती है. अगर आपको खुद में ये खूबी नजर आती है तो फिर देर किस बात की एविएशन सेक्टर आप जैसे ही साहसी युवाओं का इंतजार कर रहा है.

शैक्षणिक योग्यता
अगर आप कॉमर्शियल पायलट बनना चाहते हैं तो इसके लिए 12वीं पास होना जरूरी है. लेकिन केवल 12वीं पास होना भी काफी नहीं है. आपके पास 12वीं में मैथ्स और फिजिक्स सबजेक्ट के रूप में होना जरूरी है. हालांकि अगर आपने 12वीं में इन सब्जेक्ट्स के साथ पढ़ाई नहीं की है तो भी आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप ओपन स्कूलिंग से इन विषयों को पास कर सकते हैं. इसके बाद आपको पायलट लाइसेंस हासिल करना होगा. पायलट लाइसेंस 3 तरह के होते हैं.

स्टूडेंट पायलट लाइसेंस (एसपीएल)

ये पहला स्तर है. इसे हासिल करने के लिए 12वीं फिजिक्स, कैमिस्ट्री, मैथमेटिक्स के साथ कम से कम 50 प्रतिशत मार्क्स के साथ पास होना जरूरी है. इसको हासिल करने की न्यूनतम उम्र 16 साल है. इसके अलावा 5 फुट हाइट और 6/6 आईसाइट होनी भी जरूरी है. इसके बाद आप डायरेक्टेरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए), गवर्नमेंट ऑफ इंडिया से मान्यताप्राप्त किसी फ्लाइंग क्लब में एसपीएल के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. इसके बाद एक ऑब्जेक्टिव टेस्ट होगा. इसे पास करने के बाद आप स्टूडेंट पायलट लाइसेंस हासिल कर पाएंगे.

प्राइवेट पायलट लाइसेंस (पीपीएल)
ये दूसरा स्तर है. प्राइवेट पायलट लाइसेंस को हासिल करने के लिए आपको थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों तरह का टेस्ट देना होगा. इसके पास करने की न्यूनतम उम्र 17 साल होनी जरूरी है. प्राइवेट पायलट लाइसेंस को एएफसीएमई यानी आर्म्ड फोर्स सेंट्रल मेडिकल एस्टेब्लिशमेंट जारी करता है. इस लाइसेंस को हासिल करने में दो लाख से पांच लाख रुपए तक का खर्च आता है.

कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल)
ये अंतिम चरण है. कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस के बाद ही इसे हासिल किया जा सकता है. इसमें थ्योरी और प्रैक्टिकल के अलावा मेडिकल फिटनेस टेस्ट भी देना होगा. सीपीएल हासिल करने के लिए 250 घंटों की फ्लाइंग जरूरी है. इसे हासिल करने के लिए आठ से पंद्रह लाख रुपए तक का खर्च आ सकता है.

क्या है कॉमर्शियल पायलट का रोल
पायलट किसी भी विमान का सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति होता है. किसी भी पायलट में एयर नेविगेशन का ज्ञान, मौसम संबंधी रिपोर्टो की व्याख्या, इलेक्ट्रॉनिक और मैकेनिकल कंट्रोल को हैंडल करने की दक्षता, विभिन्न हवाई अड्डों के कंट्रोल टावरों से संपर्क और विपरीत परिस्थितियों में विमान का नेतृत्व करने की क्षमता होनी चाहिए. इसके अलावा उसे क्रू रिसोर्स मैनेजमेंट और ग्राउंड स्टाफ, केबिन क्रू, यात्रियों, कैटरिंग स्टाफ, विमान इंजीनियरों, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और अन्य एजेंसियों के साथ भी सामंजस्य बनाना आना चाहिए.

सैलरी
ट्रेनी पायलट- वेतनमान 15,000 से 20,000 रुपए
फर्स्ट ऑफिसर (जूनियर लेवल)- 1,00,000 रुपए या उससे अधिक
फर्स्ट ऑफिसर (सीनियर लेवल)- 1,80,000 रुपए या उससे अधिक
कमांडर- 2,50,000 रुपए या उससे अधिक
पायलट की योग्यता और मांग पर ये सैलरी घट या बढ़ सकती है.

प्रमुख संस्थान
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान एकेडमी, सीएसएम नगर (रायबरेली)
अहमदाबाद एविएशन एंड एरोनॉटिक्स, अहमदाबाद
करवर एविएशन, बारामती
चाइम्स एविएशन एकेडमी, सागर
गुजरात फ्लाइंग क्लब, वडोदरा

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