जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू. (तस्वीर विकीपीडिया से साभार)

कुछ समय से जारी एक दुष्प्रचार के जरिए लोगों के मन में पैदा हुई आशंका का हवाला देते हुए उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू (Girish chandra murmu) ने कहा, ‘कृप्या हमारे इरादों को देखिए. हम क्या करने जा रहे हैं? लोगों को किसी व्यक्ति के दुष्प्रचार में नहीं फंसना चाहिए. हमारा एक-सूत्रीय एजेंडा, विकास और युवाओं के लिए नौकरियों के अवसर पैदा करना है.’

जम्मू. जम्मू-कश्मीर में बाहरी लोगों को बसाए जाने की आशंका पर राज्य के उपराज्यपाल (Lieutenant Governor) प्रतिक्रिया दी है. गिरीश चंद्र मुर्मू (Girish chandra murmu) ने कहा है सवाल किया है कि क्या मुंबई में औद्योगिक इकाइयां लगाने वाले गुजरातियों में से किसी गुजराती ने ‘समस्या’ पैदा की? लोगों से तथ्यों को कल्पना के साथ नहीं जोड़ने और समृद्ध एवं विकसित जम्मू-कश्मीर सुनिश्चित करने के उनके प्रशासन के ‘इरादे’ पर ध्यान देने का अनुरोध करते हुए मुर्मू ने कहा कि तत्कालीन राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने से राज्य में उद्योग और निवेश आकर्षित होगा, जिससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे.दुष्प्रचार का दिया जवाब कुछ समय से जारी एक दुष्प्रचार के जरिए लोगों के मन में पैदा हुई आशंका का हवाला देते हुए उपराज्यपाल ने कहा, ‘कृप्या हमारे इरादों को देखिए. हम क्या करने जा रहे हैं? लोगों को किसी व्यक्ति के दुष्प्रचार में नहीं फंसना चाहिए. हमारा एक-सूत्रीय एजेंडा, विकास और युवाओं के लिए नौकरियों के अवसर पैदा करना है. हमारा उद्देश्य एक समृद्ध जम्मू और कश्मीर है.’उम्मीद की नई किरणसमाचार एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में उपरराज्यपाल ने कहा कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त किए जाने के बाद देशभर में लोगों के बीच ‘उम्मीद की एक नई किरण’ दिखाई दी है, जो कि अब सोचते हैं कि वे यहां आ सकते हैं, अपनी इकाइयां स्थापित कर व्यापार करके आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित कर सकते हैं. हो सकता है बड़ा निवेश
उन्होंने कहा, ‘यहां लाखों करोड़ रुपए का निवेश हो सकता है. उनके (जम्मू-कश्मीर के लोगों के) भीतर मानसिक तौर पर यह भरा (भय) गया.’ उप राज्यपाल ने कहा कि लोगों को यह समझना चाहिए कि जो बाहर से जम्मू-कश्मीर में आए हैं, वे यहां जमीन कब्जा करने नहीं आए हैं. उन्होंने कहा, ‘ हम लोगों से सार्वजनिक भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील करते हैं. हमें काफी कुछ करना होगा. कृप्या तथ्यों को कल्पना के साथ नहीं मिलाएं. कृप्या तथ्यों को देखें.’पहले क्या थे नियम गौरतलब है कि पिछले वर्ष अगस्त में संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त किया गया था और जम्मू-कश्मीर राज्य को दो हिस्सों में बांटकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया था. इन प्रावधानों की समाप्ति से पहले केवल राज्य के लोग ही जम्मू कश्मीर में जमीन खरीद सकते थे और सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन कर सकते थे.उप राज्यपाल ने लोगों से जम्मू कश्मीर के औद्योगिकीकरण में भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें यहां फैक्ट्रियां लगानी चाहिएं. उन्होंने कहा,‘आपको किसने मना किया है. एक तरफ वे खुद यह नहीं करेंगे और दूसरी तरफ उन लोगों की मदद नहीं करेंगे जो बाहर से यहां आकर इस काम को करना चाहते हैं. ये कैसे संभव है?’उन्होंने कहा,‘एक मजबूत और सशक्त भारत के लिए एक मजबूत जम्मू कश्मीर और उसके लोगों के सशक्त होने की जरूरत है. देश के एक कोने में विकास को पूरे क्षेत्र का विकास नहीं कहा जा सकता. यह एक बोझ बन जाता है. आइए, हम सब खुद को सशक्त करें.’

First published: June 30, 2020, 10:28 PM IST



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here