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‘महामारी के कोहरे’ में कैसे करें बचत? जानिए कहां पैसे बनाने का मौका

एक शब्द है – ‘युद्ध का कोहरा’, इसका मतलब युद्ध के दौरान सैन्य अभियानों में अनुभव की जाने वाली बड़ी अनिश्चितता है. इसलिए, इस तरह के परिदृश्यों में ‘कोहरे’ शब्द का उपयोग अनिश्चितता से लगाया जाता है. वर्तमान कोविड-19 महामारी (Coronavirus Pandemic) को विभिन्न देशों के प्रमुखों ने एक ‘मूक युद्ध’ भी कहा है. इसने अल्पावधि से लेकर दीर्घावधि तक के लिए बड़ी मात्रा में अनिश्चितता पैदा की है. इसी संदर्भ में, हाल में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जो लंबे समय से नहीं देखी गई हैं या पहले कभी नहीं देखी गई हैं. इनमें से कुछ हैंः

>> तेल की कीमतें रिकॉर्ड निचले स्तर पर ट्रेड कर रही हैं.

>> लॉक-डाउन के कारण, अमरीकी बेरोजगारी का स्तर (अप्रैल में लगभग 15 फीसदी) वहां पहुंच गया है, जहां पिछली बार ग्रेट डिप्रेशन दौर के अंत में देखा गया था.

>> भारत में सख्त लॉकडाउन के कारण, CMIE के आंकड़ों के अनुसार बेरोजगारी की दर मई के शुरू में 27 फीसदी के उच्च स्तर पर दर्ज की गई, 12 करोड़ की नौकरी पहले ही जा चुकी है.ग्रेड डिप्रेशन के बाद सबसे खराब मंदी का अनुमान
ग्रेट डिप्रेशन युग के बाद से अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने 2020 में सबसे खराब वैश्विक मंदी का अनुमान लगाया है. भारत की GDP के धीमी दर से बढ़ने का अनुमान है, और कुछ को भी उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2021 में GDP 1970 के दशक के बाद से भारत में सबसे खराब GDP विकास दर बना देगी. हालांकि, अगले वर्ष भारत और विश्व स्तर पर जीडीपी वृद्धि में एक स्वस्थ सुधार की उम्मीद है.

वैश्विक बांड यील्ड तेजी से गिर रही है और नकारात्मक हो रही है. US Yield भी तेजी से गिर गई है और अल्पकालिक ट्रेजरी की यील्ड अब नकारात्मक क्षेत्र के करीब पहुंच रही है.

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बेरोजगारी दर बढ़ने की आशंका
अर्थव्यवस्था के खुलने के बाद बेरोजगारी दर (Unemployement Rate) में तेज उछाल कुछ हद तक नरम पड़ सकता है, लेकिन जल्द ही पूर्व-महामारी के स्तर पर वापस जाने की संभावना नहीं है. गंभीर आर्थिक तनाव और स्वास्थ्य संकट के परिणामस्वरूप, दुनिया भर की सरकारों ने कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए रिकॉर्ड-उच्च आर्थिक प्रोत्साहन पैकेजों की घोषणा की है. भारत ने हाल ही में 20 लाख करोड़ रुपये के मेगा आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की है.

अनिश्चितता के समय में परिसंपत्ति आवंटन का महत्व
अनिश्चितता या बाजार में उतार-चढ़ाव, परिसंपत्ति आवंटन में निवेश के लाभ के पक्ष में दृष्टिकोण है. एसेट आवंटन का अर्थ विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों (विभिन्न जोखिम प्रोफाइलों) में विविधता लाना है, जैसा कि निवेशक के अंतर्निहित जोखिम प्रोफाइल और निवेश क्षितिज के अनुसार होता है. विभिन्न परिसंपत्ति वर्ग अलग-अलग समय अवधि /वर्ष (कुछ वर्षों में बड़े नकारात्मक रिटर्न से लेकर कुछ वर्षों में बड़े सकारात्मक रिटर्न तक) में अलग-अलग रिटर्न प्रदान करते हैं. यह नीचे दी गई तालिका में दिया गया है.

जोखिम में विविधता लाने के लिए अपने पोर्टफोलियो में विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों का मिश्रण होना उचित होगा (निवेशक की प्रोफाइल के अनुसार). बाजार की स्थिति /चाल और दृष्टिकोण के आधार पर समय-समय पर परिसंपत्ति आवंटन की समीक्षा/पुनःसंतुलन होना चाहिए.

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यूलिप आपके एसेट एलोकेशन को मैनेज करने में कैसे मदद कर सकता है?
यूलिप आपके एसेट आवंटन की योजना बनाने में एक प्रभावी साधन हो सकता है, क्योंकि निवेशकों के लिए विभिन्न प्रकार के फंड उपलब्ध हैं जैसे कि इक्विटी फंड (लार्ज-कैप, मिड-कैप, इंडेक्स), डेट फंड, लिक्विड फंड और यहां तक कि एसेट एलोकेशन फंड (मिक्स ऑफ इक्विटी और डेट). यूलिप का सबसे बड़ा लाभ यह है कि निवेशक विभिन्न फंड विकल्पों के बीच किसी भी पूंजीगत लाभ कर घटना के बिना स्विच कर सकता है बल्कि कई-कई बार स्विच कर सकता है – बिना किसी अतिरिक्त शुल्क या किसी भी निकास भार के. यह एक निवेशक को अपने परिसंपत्ति आवंटन के लिए अधिक कुशल और कर-अनुकूल तरीके से योजना बनाने में मदद करता है, और यह कर लाभ अन्य प्रतिस्पर्धी निवेश उत्पादों में उपलब्ध नहीं है.

मान लीजिए कि किसी का 10 साल का निवेश लक्ष्य है, चूंकि निवेश क्षितिज लंबा है – निवेशक इक्विटी के उच्च आवंटन के साथ शुरू कर सकता है और धीरे-धीरे इक्विटी आवंटन को कम करना शुरू कर सकता है और डेट/लिक्विड फंड में स्विच कर सकता है, जैसे-जैसे वह अपनी पॉलिसी की परिपक्वता अवधि के निकट आता है. इससे पॉलिसी की परिपक्वता से पहले लॉन्ग टर्म (बाजार में गिरावट के मामले में) इक्विटी में निवेश करने से बनी संपत्ति की रक्षा करने में मदद मिलेगी – और निवेशक को अपने निवेश लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी.

नौसिखिए निवेशक, जिन्हें अपने एसेट एलोकेशन मिक्स को चुनना मुश्किल लगता है, वे भी एसेट एलोकेशन फंड पर विचार कर सकते हैं, जहां फंड-इक्विटी मिक्स बदलता है, जो फंड मैनेजर के मार्केट आउटलुक पर निर्भर करता है.

अनिश्चितता के इस समय में निवेशकों के लिए निवेश में संपत्ति आवंटन दृष्टिकोण का उपयोग करना और अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाना विवेकपूर्ण हो सकता है. प्रसिद्ध निवेशक के रूप में, सर जॉन टेम्पलटन ने एक बार कहा था -‘जो खुद को सौ फीसदी सही मानने वाला निवेशक ही विविधता में यकीन नहीं करता.’

नोट: ‘इस लेख में लेखक द्वारा व्यक्त की गई राय उनकी निजी राय है और पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे निवेश के किसी भी फैसले को लेने से पहले स्वतंत्र वित्तीय सलाह लें.’

संपत रेड्डी, चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर, बजाज आलियांज लाइफ इंश्योरेंस

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