हिन्दू कैलेंडर अनुसार आषाढ़ माह के बाद श्रावण माह लगता है। श्रावण और भाद्रपद ‘वर्षा ऋतु’ के मास हैं। वर्षा नया जीवन लेकर आती है। मोर के पांव में नृत्य बंध जाता है। यह माह जुलाई-सितंबर में पड़ता है।


– इस ऋतु या श्रावण मास के हरियाली तीज, नागपंचमी, रक्षाबंधन और कृष्ण जन्माष्टमी सबसे बड़े त्योहार हैं। संपूर्ण श्रावण माह में उपवास रखा जाता है। यह माह उसी तरह है जिस तरह की मुस्लिमों में रोजों के लिए रमजान होता है।


– इसके अलावा श्रावण माह में सूर्य कर्क संक्रांति, गणेश चतुर्थी, भाई पांचें, कामिका एकादशी, मौना पंचमी, सावन शिवरात्रि, शिव चतुर्दशी व्रत, मंगला गौरी व्रत, श्राद्ध अमावस्या और पुत्रदा/पवित्रा एकादशी का व्रत रखा जाता है।

– हिन्दू धर्म के प्रमुख तीन देवताओं के को मनाया जाता है उनमें शिव के लिए महाशिवरात्रि और श्रावण मास प्रमुख है और उनकी पत्नी पार्वती के लिए चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि प्रमुख त्योहार है। इसके अलावा शिव पुत्र भगवान गणेश के लिए गणेश चतुर्थी का पर्व गणेशोत्सव का नाम से मनाया जाता है जो भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को आता है।





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