सोने के गहने खरीदने से जुड़ा नया नियम कल से लागू करने की प्रक्रिया शुरू, यहां जानिए सबकुछ

15 जनवरी 2020 से सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग को अनिवार्य करने से जुड़ा प्रोसेस शुरू हो जाएगा.

उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan, Cabinet Minister of Consumer Affairs) ने मंगलवार को की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया है कि 15 जनवरी 2020 से सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग को अनिवार्य करने से जुड़ा प्रोसेस शुरू हो गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated:
    January 14, 2020, 4:01 PM IST

नई दिल्ली. अगर आपने सोने की गहने (Gold Jewelry) खरीदने की तैयारी में हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि केंद्र सरकार ने सोने की जूलरी खरीदने से जुड़े निए नियमों का ऐलान किया है. उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan, Cabinet Minister of Consumer Affairs) ने मंगलवार को की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया है कि 15 जनवरी 2020 से सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग को अनिवार्य करने से जुड़ा प्रोसेस शुरू हो गया है. इसके लिए सभी निर्माताओं को अपने प्रतिष्ठानों का नाम अंकित किया जाएगा. आपको बता दें कि सोने (what is hallmark gold in India) से गहनों से जुड़ी हॉलमार्किंग का मतलब होता है कि आपके गहनों में कितना सोना लगा है और अन्य मेटल कितने है इसके अनुपात का सटीक निर्धारण एवं आधिकारिक रिकार्ड होता है. नए नि‍यमों के तहत अब सोने की जूलरी की हॉल मार्किंग होना अनि‍वार्य होगा. इसके लि‍ए ज्‍वैलर्स को लाइसेंस लेना होगा.

सोने के गहने खरीदने वालों पर क्या होगा असर-  केडिया कमोडिटी के एमडी अजय केडिया बताते हैं कि देश में सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग करना इससे पहले स्वैच्छिक था. अब इस नियम के लागू हो जाने के बाद सभी जूलर्स को इन्हें बेचने से पहले हॉलमार्किंग लेना अनिवार्य हो जाएगा.

इससे पहले  देश में सोने के गहनों की गुणवत्ता को तय करने की कोई जांच एजेंसी नहीं थी. ऐसे में अनजान ग्राहकों को कई मौकों पर 22 कैरेट की बजाय 21 या अन्य अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों से कम कैरेट का सोना बेच दिया जाता है, जबकि दाम उनसे अच्छी गुणवत्ता वाले सोने के वसूले जाते हैं.

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रामविलास पासवान ने बताया कि देश में 234 जिलों में 892 हाल मार्किंग केंद्र बनाया गया है. आभूषण विक्रेता धोखाधड़ी ग्राहकों के साथ करते हैं तो उसके लिए कानूनी कार्रवाई प्रक्रिया अपनाई जाएगी. सजा अदालत प्रक्रिया द्वारा निर्धारित होगी.

ग्राहकों को अपने आभूषणों से संतुष्ट करने के उपभोक्ता फोरम हेल्पलाइन बनाया गया है.BIS कम से कम संभावित समय में ज्वेलर द्वारा उनका ऑनलाइन रजिस्टर करने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बना रहा है

सरकार 14 कैरट, 16 कैरट, 18 कैरट, 20 कैरट और 22 कैरेट की ज्वेलरी की हॉलमार्किंग अनिवार्य करेगी. इसके लिए 400 से 500 नए असेसिंग सेंटर खुलेंगे. फिलहाल देश में 700 से जायदा असेसिंग सेंटर हैं. सरकार को लगता है कि अभी और असेसिंग की जरूरत है.

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ग्रामीण ज्वेलर्स पर कोई कार्रवाई नहीं करेगी सरकार- ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बनाने के लिए 1 साल तक का वक़्त मिलेगा. इस दौरान सरकार ज्वेलर्स पर कोई कार्रवाई नहीं करेगी. सोने की ज्वेलरी की हॉलमार्किंग पूरी तरह से अनिवार्य बनाया गया है. इस दौरान बीआईएस (BIS) ग्राहकों को मैंडेटरी हॉलमार्किंग ज्वेलरी लेने के लिए जागरूक करेगा.

(असीम मनचंदा, संवाददाता, CNBC आवाज़)

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First published: January 14, 2020, 3:46 PM IST





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