Friday, October 30, 2020
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स्वीडेन में कोविड-19 से मरे लोगों के फेफड़ों में मिली लिक्विड जेली: शोध

स्वीडेन में कोविड-19 से मरे लोगों के फेफड़ों में मिली लिक्विड जेली: शोध

स्वीडेन में कोविड-19 से मरे लोगों के फेफड़ों में लिक्विड जेली पाए गए

स्वीडेन के उमिया यूनिवर्सिटी में डॉक्टरों ने एक रिसर्च के दौरान पाया ​कि कोविड-19 (Covid-19) से हुई मौत के बाद कुछ लोगों के फेफड़ों में क्लियर लिक्विड जेली (clear liquid jelly) पाई गई.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 7, 2020, 10:23 PM IST

स्टॉकहोम. स्वीडेन के उमिया यूनिवर्सिटी में डॉक्टरों ने एक रिसर्च के दौरान कोविड-19 (Covid-19) से हुई मौत के बाद कुछ लोगों के फेफड़ों में क्लियर लिक्विड जेली पाई. दरअसल, कोवि​ड-19 से हुई मौत के बाद शव परीक्षण (Autopsie) के दौरान डॉक्टरों को उनके फेफड़ों में स्पष्ट तरल जेली (clear liquid jelly) दिखाई ​दी. शोधकर्ताओं के अनुसार, इन मृत मरीजों के फेफड़े किसी ऐसे व्यक्ति से मिलते जुलते हैं जो डूब चुके हैं.

इसका उपयोग झुर्रियों के उपचार में किया जाता है

रिसर्चरों को जेली के एक विश्लेषण से पता चला है कि इसमें हायल्यूरोनन Hyaluronan नामक पदार्थ होता है, जो आमतौर पर संयोजी ऊत्तकों में पाया जाता है. हायल्यूरोनन का उपयोग सौंदर्य प्रसाधन उद्योग में किया जाता है. इसका उपयोग होंठ को विशेष आकार देने या उसे मोटा बनाने या झुर्रियों के उपचार में किया जाता है. सौंदर्य उद्योग में हायल्यूरोनन का उत्पादन कृत्रिम रूप से उत्पादित किया जाता है.

रोगियों को इसलिए पड़ती है वेंटिलेटर की जरूरतशोधकर्ताओं ने बयान जारी कर यह समझाया है कि चूंकि हायल्यूरोनन अपने लंबे अणुओं के जाल में बड़ी मात्रा में पानी को बांध सकता है और यह एक जैली जैसा पदार्थ बनाता है और यह प्रक्रिया है जो COVID-19 रोगियों के फेफड़ों के वायुकोशीय उठा-पठक में चलती है जिसके परिणामस्वरूप रोगी को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है और सबसे खराब स्थिति में श्वसन तंत्र के विफल होने जाने पर मर जाता है.

हाइमेक्रोमोन से हायल्यूरोनन के उत्पादन को धीमा किया जाता है

अन्य बीमारियों में जैसे कि गॉलब्लैडर अटैक के मामलों में हाइमेक्रोमोन नामक एक दवा का उपयोग हायल्यूरोनन के उत्पादन को धीमा करने के लिए किया जाता है. शोध में कोर्टिसोन, एक स्टेरॉयड को भी हायल्यूरोनन के उत्पादन को कम करने के लिए दर्शाया गया है.

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इस अध्ययन से जुड़े एक शोधकर्ता अर्बन हेलमैन ने कहा, “पहले से ही ऐसे उपचार हैं जो या तो इस जेली के शरीर के उत्पादन को धीमा कर देते हैं या एक एंजाइम के माध्यम से जेली को तोड़ देते हैं.

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