हनीप्रीत की रिहाई के दौरान दिखा गुरमीत राम रहीम का रुतबा

हरियाणा पुलिस की एस्कॉर्ट गाड़ियां हनीप्रीत को कहां लेकर गई है

हनीप्रीत (Honeypreet) की जमानत के मामले में ऐसा पहली बार हुआ है कि ऑनलाइन ऑर्डर (Online Order ) मिलने के तुरंत बाद ही जेल में विचाराधीन किसी बंदी को चंद मिनटों के अंदर ही जेल से रिहा कर दिया गया हो.

  • News18Hindi
  • Last Updated:
    November 6, 2019, 8:34 PM IST

नई दिल्ली. गुरमीत राम रहीम (Gurmeet Ram Rahim) की मुंहबोली बेटी और सबसे बड़ी राजदार हनीप्रीत (Honeypreet) बुधवार को अंबाला जेल (Ambala Jail) से बाहर आ गई है. हनीप्रीत को पंचकूला कोर्ट (Panchkula Court) ने बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी थी. ऐसा पहली बार हुआ है कि ऑनलाइन ऑर्डर मिलने के तुरंत बाद ही जेल में विचाराधीन किसी बंदी को चंद मिनटों के अंदर ही जेल से रिहा कर दिया गया हो. और तो और साथ में हरियाणा पुलिस की एस्कॉर्ट गाड़ियां उसे सुरक्षा में बाहर निकालें. हालांकि, हरियाणा पुलिस की एस्कॉर्ट गाड़ियां हनीप्रीत को कहां लेकर गई हैं, ये अभी तक साफ नहीं है. बता दें कि मीडियाकर्मी अंबाला जेल पहुंच ही रहे थे कि इससे पहले ही हनीप्रीत को बाहर निकाल दिया गया.

राम रहीम के रुतबे का असर है?
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिरकार क्या डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का दबदबा अभी भी हरियाणा सरकार पर कायम है. क्योंकि हरियाणा में सत्ता में बैठी बीजेपी और जेजेपी दोनों के ही नेता चुनाव प्रचार के दौरान कई मौकों पर डेरा सच्चा सौदा को लेकर सॉफ्ट कॉर्नर दिखा चुके हैं.

एक-एक लाख के दो बेल बॉन्ड पर हनीप्रीत को जमानत मिली है.

एक-एक लाख के दो बेल बॉन्ड पर हनीप्रीत को जमानत मिली है.

ऑनलाइन जमानत आर्डर आने के बावजूद भी तमाम कागजी कार्रवाई करने और सजायाफ्ता कैदी या फिर किसी मामले में विचाराधीन बंदी को जेल से बाहर निकालने में कम से कम 2 से 3 घंटे का वक्त लग जाता है, लेकिन हनीप्रीत के मामले में ऐसा नहीं हुआ. कोर्ट से जमानत के आदेश के चंद मिनटों में ही उसे जेल से रिहा कर दिया गया. दूसरी बात हनीप्रीत ना तो किसी संवैधानिक पद पर हैं ना ही उसकी जान को किसी तरह का खतरा है तो ऐसे में हरियाणा पुलिस की एस्कॉर्ट गाड़ियां उसे आखिरकार क्यों दी गई?

बता दें, एक-एक लाख के दो बेल बॉन्ड पर हनीप्रीत को जमानत मिली है. पंचकूला सेक्टर 5 थाने के तहत दर्ज एफआईआर नंबर 345 के तहत हनिप्रीत पर पंचकूला कोर्ट में सुनवाई चल रही थी. डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की सजा के बाद 25 अगस्त 2017 को हरियाणा के पंचकूला में हिंसक घटना हुई थी. राम रहीम की जेल जाने के बाद कई दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद हनीप्रीत ने सरेंडर किया था. बता दें कि इस हिंसा में 41 लोग मारे गए थे और 260 से अधिक घायल हो गए थे.

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First published: November 6, 2019, 8:18 PM IST





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