नई दिल्‍ली. पंचकुला हिंसा (Panchkula Violence) मामले में हनीप्रीत (Honeypreet) को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. पंचकुला दंगों में दर्ज एफआईआर नंबर-345 में हनीप्रीत को जमानत दी गई है. पिछली सुनवाई में शनिवार को कोर्ट ने हनीप्रीत पर लगाई गई देशद्रोह (sedition) की धारा हटा दी थी. हनीप्रीत के वकील ने कोर्ट में जमानत याचिका (Bail plea) लगाई थी. मामले में हनीप्रीत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुई. सिरसा के डेरा प्रमुख राम रहीम (Ram Rahim) की सबसे करीबी हनीप्रीत से देशद्राह की धारा हटने और जमानत मिलने के बाद भी लंबी सजा की तलवार लटकती रहेगी. बता दें कि 2017 में हुई घटना के बाद काफी दिन तक वह गायब रही थी. फिर उसे जिरकपुर-पटियाला रोड से गिरफ्तार किया गया था. इस समय वह अंबाला (Ambala) की जेल (Jail) में बंद है.

पंचकुला हिंसा मामले में मुख्‍य आरोपी है हनीप्रीत इंसा
अगस्‍त, 2017 में गुरमीत राम रहीम को साध्वियों से दुष्‍कर्म (Rape) के मामले में दोषी ठहराने के बाद पंचकूला में हुई हिंसा मामले में हनीप्रीत के खिलाफ देशद्रोह सहित आईपीसी की विभिन्‍न धाराओं में केस दर्ज किया गया था. हनीप्रीत की 2 नवंबर को पंचकुला की अतिरिक्त सत्र अदालत में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये पेशी हुई. सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सेशन जज संजय संधीर की अदालत ने पंचकूला में 25 अगस्त, 2017 को हुई हिंसा में पुलिस की ओर से मुख्य आरोपी (Main Accused) बनाई गई हनीप्रीत पर लगाई गई धाराओं 121 और 121ए को हटा दिया.

अभी आईपीसी की कई धाराओं में चलता रहेगा केस देशद्रोह की धाराएं हटने के बाद भी हनीप्रीत के खिलाफ आईपीसी (IPC) की धारा-216 (सात साल तक की सजा), 145 (दो साल तक की सजा), 150, 151 (6 साल तक की सजा और जुर्माना), 152ए (6 साल तक की सजा और जुर्माना), 153 (1 साल तक की सजा और जुर्माना) और 120बी (6 महीने कैद और जुर्माना) के तहत आरोप तय किए गए हैं. इनमें कई धाराएं ऐसी हैं, जिनमें अपराध होने पर मुख्‍य आरोपी के बराबर सजा का प्रावधान है. ऐसे में हनीप्रीत को भी लंबी सजा हो सकती है. बता दें कि यह एफआईआर 28 अगस्त, 2017 को दर्ज की गई थी.

एफआईआर में कहा गया है कि हनीप्रीत समेत सभी आरोपियों ने राम रहीम को छुड़वाने की साजिश रची और हिंसा की.

पंचकुला हिंसा में 40 से ज्‍यादा लोगों की हुई थी मौत

एफआईआर नंबर-345 में हनीप्रीत के अलावा सुरेंद्र धीमान, गुरमीत, शरणजीत कौर, गोविंद, प्रदीप कुमार, गुरमीत कुमार, दान सिंह, सुखदीप कौर, सीपी अरोड़ा, खरैती लाल, चमकौर, राकेश, दिलावर सिंह भी आरोपी हैं. हनीप्रीत के खिलाफ दाखिल चार्जशीट में कुल 67 गवाह बनाए गए हैं, जिनमें ज्यादातर पुलिसकर्मी हैं. इनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि आरोपियों ने राम रहीम को छुड़वाने की साजिश (criminal conspiracy) रची और हिंसा की. इसमें 40 से ज्‍यादा लोगों की मौत (Killed) हुई, जबकि 200 से ज्‍यादा घायल हुए. हनीप्रीत पर डेरा समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाने (Incitement to violence) का आरोप है.

10वीं के बाद डेरा पहुंच गई थी फतेहाबाद की प्रियंका

हनीप्रीत इंसा का असली नाम प्रियंका तनेजा (Priyanka Taneja) है. वह हरियाणा (Haryana) में फतेहाबाद के रामानंद तनेजा की बेटी है. प्रियंका तनेजा 1996 में पहली बार डेरे के कॉलेज में 11वीं कक्षा में पढ़ने आई थी. उसने डीएवी स्कूल फतेहाबाद से 10वीं की परीक्षा पास की थी. जब वह डेरे में आई तो उसी साल राम रहीम स्कूल आया. तभी उसकी नजर प्रियंका तनेजा पर पड़ी. इसके बाद राम रहीम ने प्रियंका तनेजा को हनीप्रीत नाम दिया. धीरे-धीरे हनीप्रीत राम रहीम की सबसे करीबी हो गई. उसका भाई साहिल तनेजा भी डेरे में कारोबार करता है. हनीप्रीत की छोटी बहन नीशु तनेजा की शादी गुरुग्राम में हुई है.

हनीप्रीत और विश्वास गुप्ता की शादी 14 फरवरी, 1999 को डेरा प्रमुख राम रहीम ने ही कराई थी.

विश्‍वास गुप्‍ता से हुई शादी, लेकिन ज्‍यादा दिन नहीं चली
हनीप्रीत और विश्वास गुप्ता (Vishwas Gupta) की शादी 14 फरवरी, 1999 को डेरा प्रमुख राम रहीम ने ही कराई थी. हालांकि, दोनों की शादी ज्यादा दिन नहीं चल सकी. कुछ समय बाद हनीप्रीत ने राम रहीम से शिकायत कर दी कि उसके ससुराल वाले उसे दहेज के लिए परेशान कर रहे हैं. बताया जाता है कि राम रहीम ने हनीप्रीत की शादी गुप्ता से कराई थी, लेकिन उन्‍हें कभी साथ नहीं रहने दिया. इसके बाद राम रहीम ने 2009 में उसे गोद ले लिया. राम रहीम की खुद की दो बेटियां और एक बेटा है. उनके नाम अमनप्रीत, चमनप्रीत और जसमीत इंसा हैं.

पति ने लगाया था राम रहीम से अवैध संबंधों का आरोप
विश्वास गुप्ता ने 2011 में पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab and Haryana High Court) में मुकदमा दायर कर राम रहीम के कब्जे से उसकी पत्नी यानी हनीप्रीत को छुड़ाने की मांग की थी. गुप्‍ता ने राम रहीम और हनीप्रीत के अवैध संबंध (Illicit relation) होने का भी आरोप लगाया था. हनीप्रीत डेरा के कई अहम फैसले लेने के साथ ही राम रहीम की फिल्‍मों को भी डायरेक्‍ट कर चुकी है. राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के दौरान वह कोर्ट रूम से लेकर जेल जाने तक साये की तरह साथ रही थी. बाबा राम रहीम कोई भी फैसला लेने से पहले सिर्फ हनीप्रीत से ही सलाह लेता था. वह पैसे से लेकर हर फैसला करती थी.

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