10 दिन तक खतरनाक हवा में सांस लेती रही दिल्ली, बनाया ये 'शर्मनाक' रिकॉर्ड

देश की राजधानी दिल्ली 10 दिनों तक लगातार खतरनाक स्तर की हवा में सांस लेती रही. (Demo Pic)

बीते 27 अक्टूबर से लेकर 5 नवंबर के बीच तकरीबन हर समय राजधानी का एयर क्ववालिटी इंडेक्स (Hazardous Air Quality Index) खतरनाक स्तर पर रहा.

  • News18Hindi
  • Last Updated:
    November 6, 2019, 9:58 PM IST

नई दिल्ली. रिकॉर्ड शब्द का इस्तेमाल सामान्य तौर पर सकारात्मक दृष्टि से किया जाता है. लेकिन देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जिस पर शायद ही कोई दिल्लीवासी गर्व कर सके. दिल्ली सहित देश के कई शहर खतरनाक वायु प्रदूषण के शिकार रहे हैं. दुख की बात ये है कि इस बार दिल्ली ने खतरनाक वायु प्रदूषण स्तर का रिकॉर्ड कायम किया है. मंगलवार (5 नवंबर) को 10वें दिन भी दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक (Hazardous) बना रहा. बीते 27 अक्टूबर से लेकर 5 नवंबर के बीच तकरीबन हर समय राजधानी का एयर क्ववालिटी इंडेक्स खतरनाक स्तर बताता रहा.

गौरतलब है कि देश की राजधानी ने ये ‘रिकॉर्ड’ राज्य सरकार द्वारा ऑड-इवेन स्कीम की शुरुआत किए जाने के एक दिन बाद कायम किया है. सरकार ने एहतियातन स्कूलों में छुट्टियां कर दीं, जिससे बच्चों का इससे थोड़ा बचाव हो सके.

3 नवंबर सबसे बुरा दिन
इन सबके बीच सबसे बुरा दिन 3 नवंबर (रविवार) का गुजरा. इस दिन पीएम-2.5 का स्तर पूरी दिल्ली में तकरीबन 500 के आस-पास रहा. दरअसल दिवाली के बाद से शहर में वायु प्रदूषण का स्तर बेहद ज्यादा बढ़ गया था. हालांकि दिवाली के दौरान इस बार सिर्फ दो ही घंटे पटाखे चलाने की इजाजत दी गई थी. लेकिन इस प्रतिबंध का असर कम ही हुआ. कई आंकड़ों में बताया गया है कि इस बार पटाखे कम चलाए गए.प्रदूषण के कई कारक
दिल्ली में प्रदूषण के स्तर को बढ़ाने में कई कारक काम करते हैं. इनमें गाड़ियों से निकलने वाला धुंआ, इंडस्ट्री, कंस्ट्रक्नशन वर्क, पावर प्लांट शामिल हैं. वर्तमान में वायु प्रदूषण के स्तर को और खराब बनाने का काम पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा के किसानों द्वारा जलाई गई पराली ने भी किया.

‘2017 में 8 दिन रही थी खतरनाक वायु’

इस बीच गिरते तापमान, बारिश की कमी और हवाओं ने दिल्ली की और दुर्गति कर दी. इससे पहले दिल्ली में सबसे लंबे समय तक खतरनाक AQI साल 2017 में 8 दिनों (7 से14 नवंबर) तक रहा था. दिल्ली में तत्काल का एयर क्वालिटी इंडेक्स बताने का सिलसिला 2016 से शुरू हुआ है.

प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि खतरनाक स्तर का वायु प्रदूषण दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के करोड़ों लोगों के लिए जिंदगी-मौत का सवाल बन गया है. शीर्ष अदालत ने कहा कि वायु प्रदूषण पर अंकुश लगा पाने में विफल रहने के लिये प्राधिकारियों को ही जिम्मेदार ठहराना होगा. न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने सवाल किया, ‘क्या आप लोगों को प्रदूषण की वजह से इसी तरह मरने देंगे. क्या आप देश को सौ साल पीछे जाने दे सकते हैं?’ पीठ ने कहा, ‘हमें इसके लिये सरकार को जवाबदेह बनाना होगा.’

ये भी पढ़ें:

‘100 रुपये प्रति क्विंटल की सहायता से खत्म हो जाएगी पराली की समस्या’

वायु प्रदूषण: कोर्ट ने सरकार से पूछा- क्या आप लोगों को इसी तरह मरने देंगे?

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Delhi से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.


First published: November 6, 2019, 9:45 PM IST





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here