राहुल जैन

राहुल जैन

Aug 12, 2019, 10:36 AM IST

हाल में मेरे एक क्लाइंट ने बताया वह कोई भी बड़ा निवेश मंगलवार को करना पसंद करता है। तो मुझे यह बात सुनकर हंसी आ गई। मैंने इससे इतर उसे लाख समझाने की कोशिश की। लेकिन विफल रहा। बाद में पता चला कि उसने शेयरों में मंगलवार को उस दौरान निवेश किया जब बाजार चढ़ रहा था। कीमतें ऑल टाइम हाई के आसपास थीं। जिस अंधविश्वास के सहारे उसने शेयरों में निवेश किया, वह उसे काफी महंगा साबित हुआ। मंगलवार के चक्कर में उसने ऊंची कीमतों पर शेयर खरीदे, जो गिरावट में कम भाव पर भी मिल सकते थे। मैंने देखा है कि लोग निवेश के फैसले वास्तविकता के आधार पर नहीं, बल्कि कोरे अंधविश्वास और पहले से बनाए कल्पित विश्वास के आधार पर लेते हैं। कई बार यह अंधविश्वास तक ही सीमित नहीं रहता, मिथकों के आधार पर भी लिए जाते हैं। मैं यहां पर्सनल फाइनेंस से जुड़े तीन ऐसे ही मिथकों का जिक्र कर रहा हूं, जिनसे आपको बचना चाहिए.. 

 

मिथक 1. सोने और शेयरों में उल्टा संबंध है 

सोने में निवेश को लेकर मिथक यह है कि शेयरों में तेजी के वक्त सोना सस्ता होता है जबकि इसके उलट स्थिति में सोना महंगा होता है। लेकिन सच्चाई यह है कि शेयरों में अचानक तेज बिकवाली के वक्त सोने में उछाल आता है। लेकिन कुल-मिलाकर दोनों के बीच कोई संबंध नहीं है। मसलन 1993 में शेयरों की कीमतें 9.94% बढ़ीं थीं, तो सोने की कीमतें भी 17.35% बढ़ी थी। वर्ष 2000 में शेयरों में 9.03% बढ़त दर्ज हुई थी, तो सोने में भी 6.26% की बढ़त दर्ज हुई थी। 

हकीकत: शेयरों की अचानक गिरावट से बचाव के लिए सोने में निवेश कर सकते हैं। लेकिन इनका शेयरों से कोई उलटा संबंध नहीं है। 

 

मिथक 2. यूलिप्स महंगे होते हैं और कम रिटर्न देते हैं 

यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान्स (यूलिप्स) के बारे में यह मिथक इन प्रोडक्ट्स की मिस-सेलिंग का परिणाम हैं। लेकिन हम यूलिप्स के फंड परफॉरमेंस का विश्लेषण करें तो यह बात सामने आती है कि इन्होंने पॉलिसीधारकों को लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न दिया है। इनके जरिए वह अपने वित्तीय लक्ष्यों को हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा यूलिप्स पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स (एलटीसीजी) से भी छूट प्राप्त है। 
हकीकत: यूलिप प्लान पूरी समझदारी के साथ चुनते हैं तो यह बाजार से आपको बेहतर रिटर्न दिला सकते हैं। 

 

मिथक 3. रियल एस्टेट में निवेश से बच्चों की शिक्षा के लिए मोटी रकम जोड़ सकते हैं 

ज्यादातर लोग रियल एस्टेट को निवेश का सबसे सुरक्षित माध्यम मानते हैं। लेकिन हकीकत यह है कि तत्काल नकदी की जरूरत के वक्त रियल एस्टेट का निवेश बड़ी समस्या भी बन सकता है। इसकी वजह यह है कि प्रॉपर्टी को बेचने में काफी समय लगता है। पेपर वर्क भी अधिक होता है और स्टाम्प ड्यूटी भी लगती है। बच्चों की शिक्षा के लिए बचत के लिहाज से आपको लिक्विड इन्स्ट्रूमेंट्स में निवेश करना चाहिए। जरूरत के वक्त इन्हें बेचकर आप तत्काल नकदी जुटा सकते हैं। 
हकीकत: आपकी प्राथमिकता तत्काल नकदी प्राप्त करने की हो, तो आपको रियल एस्टेट में निवेश से बचना चाहिए। 

 

राहुल जैन, हेड, पर्सनल वैल्थ एडवाइजरी, एड्लवाइज

 

– ये लेखक के निजी विचार हैं। इनके आधार पर निवेश से नुकसान के लिए दैनिक भास्कर जिम्मेदार नहीं होगा।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here