Thursday, October 29, 2020
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CHC-Scheme: ओला-उबर तर्ज पर 42 हजार केंद्रों से किराए पर लीजिए खेती की मशीनें, उठाईए फायदा

नई दिल्ली. मोदी सरकार (Government of India) ने किसानों की समस्या का समाधान करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. कुछ पिछड़े राज्यों में सरकार ने खेती-किसानी से जुड़ी मशीनें (Farm Equipment) लेने के लिए 100 फीसदी तक सब्सिडी (Subsidy on Farm Equipment) देने का फैसला किया है. यानी किसान को एक भी रुपये अपनी जेब से नहीं लगाना होगा. लैंड लेवलर, जीरो टिल सीड ड्रिल, हैप्‍पी सीडर, मल्‍चर आदि जैसे आधुनिक कृषि मशीनरी के लिए यह स्कीम शुरू की गई है ताकि खेती आसान हो, उत्पादन बढ़े और इनकम डबल हो जाए.

खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने कृषि यंत्रीकरण उपमिशन नामक स्‍कीम (Sub-mission of Agricultural Mechanization) शुरू की है. इसके तहत जुताई, बुआई, पौधारोपण, फसल कटाई और वेस्ट मैनेजमेंट के लिए उपयोग में लाई जाने वाली मशीनों की खरीद आसान होगी.

यदि आपके पास इतना पैसा नहीं है कि आप मशीन बैंक बना सकें तो ऐसे किसानों के लिए सरकार ने CHC Farm Machinery ऐप बनाया है, जिस पर ओला-उबर की तरह ऑर्डर देकर अपनी खेती के लिए जरूरी मशीनरी (औजार) बहुत सस्ते रेट पर घर मंगवा सकते हैं.

कृषि वैज्ञानिक प्रो. साकेत कुशवाहा का कहना है कि देश में 90 फीसदी से अधिक छोटे किसान हैं जिनके पास जमीन तो कम है ही, उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि अधिक लागत के आधुनिक कृषि यंत्र खरीद सकें. जबकि फसलों का अधिक उत्पादन समय की जरूरत है. प्रोडक्शन अधिक लेना है तो खेती में उन्नत कृषि यंत्रों का इस्तेमाल जरूरी है. ऐसे में यह स्कीम किसानों के लिए बड़े काम की है. 

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इस साल 15 लाख करोड़ रुपये का लोन किसानों को देने का लक्ष्य रखा गया

कितनी सहायता मिलेगी

(1) पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के किसानों के लिए विशेष सुविधा दी गई है. जिसमें कस्‍टम हायरिंग केंद्र बनाने के लिए 100 फीसदी आर्थिक मदद मोदी सरकार ने देने का फैसला लिया है. लेकिन जिस स्कीम में शत प्रतिशत सब्सिडी है उसमें अधिकतम 1.25 लाख रुपये मिलेंगे.

(2) पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के किसान समूहों यदि मशीन बैंक बनाने पर 10 लाख रुपये तक का खर्च करते हैं तो उन्हें 95 प्रतिशत सब्‍सिडी मिलेगी. कम ही स्कीम हैं जिन पर इतनी अधिक सब्सिडी दी जा रही है.

(3) अन्य क्षेत्रों में सामान्‍य श्रेणी वाले किसानों को 40 प्रतिशत मदद मिलेगी. जबकि एससी, एसटी, महिला व लघु-सीमांत किसानों के लिए 50 प्रतिशत की दर से सब्‍सिडी मिलेगी.

(4) किराए पर किसानों को उनके घरों में ही कृषि मशीनरी उपलब्‍ध कराने के लिए कस्‍टम हायरिंग केंद्र बनाए जा रहे हैं. इसके लिए यदि कोई किसान व्यक्तिगत रूप से प्रोजेक्ट बना रहा है तो उसे 60 लाख रुपये तक की परियोजना लागत का 40 प्रतिशत पैसा सरकार की ओर से मिलेगा.

(5) किसानों के समूहों को 10 लाख रूपए तक की परियोजना लागत का 80 प्रतिशत तक वित्‍तीय सहायता मिलेगी.

किराए पर भी कृषि उपकरण के लिए ऐप
सरकार ने “सीएचसी-फार्म मशीनरी” मोबाइल ऐप शुरू किया है. जिससे किसानों को अपने क्षेत्र में कस्‍टम हायरिंग सेवा सेंटर (CHC-Agricultural Machinery Custom Hiring Centers) के माध्‍यम से किराए पर ट्रैक्टर सहित खेती से जुड़ी मशीनरी आसानी से मिल जाएगी. इस समय देश में 41,992 सीएचसी बन चुके हैं, जिनमें खेती से जुड़ी 1,33,723 मशीनें हैं.

 कारों की तरह अब खेती के काम के लिए बुक करें ट्रैक्टर-इस ऐप पर किसानों को कस्टम हायरिंग सेंटर्स (CHCs) के जरिए खेती से जुड़ी मशीन दी जाएगी. इसके लिए 42 हजार कस्टम हायरिंग सेंटर्स देशभर में बनाए जा चुके हैं, जिनकी क्षमता 2.5 लाख खेती वाले उपकरण सालाना किराये पर देने की है.

इसका नाम कृषि मंत्रालय ने CHC Farm Machinery रखा है.गूगल प्ले स्टोर पर यह ऐप हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू समेत 12 भाषाओं में है. इस ऐप को डाउनलोड करने के बाद आपको भाषा चुननी होगी. फिर अगले स्टेप में आपको CHC/ सर्विस प्रोवाइडर और किसान/उपयोगकर्ता दिखेंगे.

CHC ऐप (गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते है)

किराये पर मिलेंगे खेती के उपकरण
>> ओला, उबर की तर्ज पर किराए पर मिलेंगे
>> सरकार खुद एग्रीगेटर बन गई है.
>> कृषि मंत्रालय ने कस्मट हायरिंग सेंटर्स के लिए ऐप लॉन्च किया
>> 50 किलोमीटर दायरे में उपलब्ध उपकरण की जानकारी
>> किसान मनमर्जी के सस्ती दरों पर उपकरणों का चुनाव कर सकेगा
>> ऐप 12 भाषाओं में उपलब्ध है.

किसान ऐसे करें आवेदन- अगर किसी किसान को कृषि यंत्रों पर छूट के लिए आवेदन करना है तो वह सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) पर जाकर आवेदन कर सकता है. यहां जाकर किसान अपनी पसंद का यंत्र सीएससी संचालक को बता सकता है. इसके बाद सीएससी सेंटर संचालक आवेदन नंबर किसान को दे देगा. इसके साथ ही किसान साइबर कैफे आदि से भी आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए किसान को एग्री मशीनरी.इन पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होगा.

ये भी पढ़़े़ें: FPO-Scheme: मोदी सरकार की इस स्कीम से 30 लाख किसानों को मिलेगा फायदा, ऐसे उठा सकते हैं लाभ

PM-किसान सम्मान निधि स्कीम: क्या आप ले सकते हैं 6000 रुपये का फायदा!

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