• मौसम बदलने पर सामान्य सर्दी-जुकाम से घबराने की जरूरत नहीं, क्योंकि जिन्हें संक्रमण हुआ भी है वो भी बिना दवा के ठीक हो रहे हैं
  • अगर  कोरोना संक्रमण के लक्षण जैसे सूखी खांस, बुखार, सांस लेने में तकलीफ दिखें तो डॉक्टर से तुरंत सम्पर्क करें

दैनिक भास्कर

May 11, 2020, 03:35 PM IST

नई दिल्ली. मौसमी खांसी-जुकाम से कैसे निपटें, क्या कोरोनावायरस का संक्रमण मोटे लोगों को अधिक होता है और दूसरी बीमारियों के लिए अस्पताल जाएं या न जाएं, ऐसे कई सवालों के जवाब लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली के विशेषज्ञ डॉ. तन्मय तालुकदार ने आकाशवाणी को दिए। जानिए कोरोना से जुड़े सवाल और एक्सपर्ट के जवाब…

Q-1) गर्भवती महिलाएं या जिन्होंने हाल ही में नवजात शिशु को जन्म दिया है वो क्या सावधानी बरतें?
गर्भवती महिलाएं या छोटे बच्चों को लेकर बीच में काफी संशय था कि टीका कैसे लगेगा लेकिन अब बच्चों और महिलाओं के लिए ऐसी सभी सुविधा अस्पताल में मौजूद है। गर्भवती महिलाओं को बस अपना अधिक ध्यान रखना है। ब्रेस्ट फीडिंग करा रही हैं तो अच्छी तरह से हैंडवॉश करके ही बच्चे को लें।

Q-2) क्या अन्य बीमारियों के लिए अस्पताल जा सकते हैं?
अगर किसी को कोई पुरानी बीमारी है या उसकी दवा चल रही है तो उन दवाओं को नियमित रूप से लें। अभी अस्पताल जाने से बचें। अगर कोई परेशान है तभी अस्पताल जाए। इन दिनों टेलीमेडिसिन की सुविधा है। फोन पर अपने डॉक्टर से सम्पर्क कर लें या कोई भी परामर्श ले लें। अगर वो जरूरी कहें तभी अस्पताल जाएं।

Q-3) बदलते मौसम में अगर सर्दी-जुकाम हो जाए तो क्या करें?
मौसम बदलने पर सामान्य सर्दी-जुकाम आम है। इसलिए घबराने की जरूरत है क्योंकि जिन्हें वायरस का संक्रमण हुआ भी है तो उनमें ज्यादातर लोग बिना दवाई के ठीक हो रहे हैं। सामान्य जुकाम या खांसी है तो दिशा-निर्देशों का पालन करें, ठीक हो जाएंगे। अगर कोरोना संक्रमण के लक्षण जैसे सूखी खांस, बुखार, सांस लेने में तकलीफ दिखें तो डॉक्टर से तुरंत सम्पर्क करें। 

Q-4) क्या सैनेटाइजर से हाथ साफ करके दवा या खाना खा सकते हैं?
सैनेटाइजर में 70 फीसदी अल्कोहल होता है, अगर हाथ साफ करने के लिए लगा रहे हैं तो हाथ सूखने के बाद खाना खा सकते हैं, कोई समस्या नहीं है।

Q-5) लॉकडाउन में ढील दी गई है तो बाहर जाने पर क्या सावधानी बरतें?
जब तक जरूरत न हो भीड़-भाड वाले इलाके में न जाएं। अगर किसी को पहले से कोई है या उम्र 60 से अधिक है तो बाहर जाने से बचें। बिना मास्क बाहर न जाएं। दुकान पर पहुंच गए हैं तो दूर खड़े रहें जब तक लाइन में आगे खड़ा इंसान सामान लेकर नहीं चला जाता। वापस आकर हाथ साबुन-पानी से धोएं या सैनेटाइजर का प्रयोग करें।

Q-6) क्या वायरस का प्रभाव मोटे लोगों पर होता है?
आईसीएमआर की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में मोटे लोगों की संख्या 5 करोड़ से ज्यादा है। मोटापे से कई प्रकार की बीमारियों भी आती हैं। अब कोरोनावायरस  मोटो लोगों में आने की बात सामने आ रही है क्योंकि किसी को मोटापा होता है और दूसरी बीमारियां हैं तो उन्हें वायरस का संक्रमण जल्दी हो रहा है। इसलिए अब थोड़ा सावधान रहना है। अपना बचाव दूसरों की तुलना में ज्यादा करना है।

Q-7) अब हमारे रहन-सहन में कैसे बदलाव की जरूरत है?
पहले हमारे देश में यहां-वहां थूकना आम था। हाथ धोने की आदत कम हो गई थी जबकि पुराने जमाने में अक्सर बाहर से आने पर हाथ-पैरे धोने को कहा जाता था। इसके अलावा खांसी-जुकाम होने पर सावधानी नहीं बरती जाती थी। अब थोड़ा ज्यादा अलर्ट रहना होगा। बाहर ही नहीं, घर पर छींकते-खांसते समय दिशा-निर्देर्शों का पालन करना होगा। 



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