Dainik Bhaskar

Sep 01, 2019, 11:37 AM IST

बरस बीतने के साथ विघ्नहर्ता की स्थापना का समय आ गया है। गणेश की स्थापना हर घर में हो और आस्था-परंपरा के साथ पर्यावरण बचाना भी हमारा दायित्व है। इसी उद्देश्य से दैनिक भास्कर पिछले कई वर्षों से “मिट्टी के गणेश, घर में ही विसर्जन” अभियान चला रहा है। भास्कर परिवार का अपने करोड़ों पाठकों से विनम्र आग्रह है कि इस बार भी हम घरों में मिट्‌टी के ही गणेश की स्थापना करें क्योंकि मिट्‌टी संसार का सबसे पवित्र तत्व है जो पानी में शीघ्र ही घुलकर अपने मूल रूप को ले लेती है।

 

दूसरी तरफ जैसा हम सब जानते हैं कि पीओपी से बनी मूर्तियां पानी में नहीं घुलती हैं और नदी-तालाब में उसी अवस्था में पड़ी रहती हैं। इससे जलाशय, पर्यावरण दोनों प्रदूषित होते ही हैं साथ ही हमारी आस्था को भी ठेस पहुंचती है। इसलिए भास्कर परिवार का विनम्र निवेदन है कि हम हमारे घरों में मिट्‌टी के गणेश की ही स्थापना करें। संभव हो तो हम बच्चों को भी इसमें शामिल कर उनसे भी मिट्‌टी के गणेश बनवाएं तो और बेहतर है।

 

ताकि प्रतिमा को इस हाल में न देखना पड़े

इस फोटो को प्रकाशित करने का उद्देश्य सिर्फ यह दिखाना है कि किस तरह पीओपी की प्रतिमाओं से हमारी आस्था आहत होती है। ये प्रतिमाएं महीनों तक यूं ही पानी में पड़ी रहती हैं।

 

ganesh

 

 

हमारी यह पहल पर्व के उत्साह को तो बढ़ाएगी ही, साथ ही नदी, तालाब और पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए मददगार होगी। मिट्‌टी के गणेश-घर में ही विसर्जन के विनम्र आग्रह के साथ भास्कर परिवार…

  • मिट्टी के गणेश की स्थापना के फोटो आप हमें 91900 00074 पर वाट्सएप कर सकते हैं।
  • मिट्‌टी के गणेश का वीडियो https://urlzs.com/og7qF लिंक  पर आप देख सकते हैं।



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