प्रतीकात्मक फोटो.

2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप उम्मीदवार से कालकाजी सीट को छीनने वाली बीजेपी 2015 के चुनाव में केजरीवाल की लहर के सामने इस सीट पर हार गई थी.

News18Hindi
Last Updated:
February 11, 2020, 1:07 PM IST

नई दिल्ली.  आम आदमी पार्टी (AAP) उम्मीदवार आतिशी मार्लेना (Atishi marlena ) अपने निकटतम बीजेपी उम्मीदवार धरमबीर सिंह से 656 मतों से आगे चल रही हैं. कांग्रेस ने इस सीट से शिवानी चोपड़ा को उतारा है. इससे पहले खबर ये आई थी कि आतिशी बीजेपी उम्मीदवार से पीछे चल रही हैं. हालांकि जानकारों ने साफ कर दिया था कि ये केवल शुरूआती रुझान है. हार-जीत की असली तस्वरी तो दोपहर एक बजे के बाद ही आनी शुरु होती. इस पर भी यह सिर्फ रुझान होगा, जबकि हार-जीत का ऐलान शाम 3 से 4 बजे तक ही हो पाएगा.गौरतलब है कि आप की एंट्री के वक्त 2013 के चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार हरमीत सिंह कालका ने इस सीट पर जीत दर्ज कराई थी. लेकिन 2015 में अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की लहर के सामने बीजेपी (BJP) के उम्मीदवार टिक नहीं पाए और आप के उम्मीदवार अवतार सिंह ने करीब 20 हजार वोटों से जीत हासिल की थी. 2015 के चुनावों में आप उम्मीदवार को 55,104 वोट और बीजपी के सतप्रकाश रणा को 35,335 वोट मिले थे. जबकि तीसरे नंबर पर कांग्रेस के सुभाष चोपड़ा रहे और उन्हें 13,552 वोट मिले थे. कालकाजी विधानसभा में 1993 में सबसे पहले बीजेपी की उम्मीदवार पूर्णिमा सेठी ने जीत हासिल की. साल 1998 से 2008 तक कांग्रेस के सुभाष चोपड़ा विधायक रहे.लोकसभा चुनाव भी लड़ी थीं आतिशी आप की स्टार कैंडिडेट आतिशी मार्लेना ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से स्नातक हैं. उन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा था. स्टार क्रिकेटर रहे बीजेपी के गौतम गंभीर ने एक दिलचस्प मुकाबले में आतिशी को मात दी थी. गंभीर को 6 लाख से अधिक वोट मिले थे. इस सीट पर दूसरे नंबर पर कांग्रेस के अरविंदर सिंह लवली और तीसरे नंबर पर आतिशी रहीं थीं.कालकाजी विधानसभा का यह है सियासी गणित कालकाजी विधानसभा क्षेत्र में 1.64 लाख कुल वोटर्स हैं. इसमें पुरुष वोटरों की संख्या 92 हजार और महिला वोटरों की संख्या 72 हजार है. जबकि 11 वोटर थर्ड जेंडर कैटेगिरी के हैं. आंकड़ों के मुताबिक यहां के 40 पर्सेंट वोटर झुग्गी के हैं. आमतौर पर इस सीट पर टक्कर कांग्रेस और बीजेपी की होती थी, लेकिन 2015 के दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी के विधायक अवतार सिंह कालका ने जीत दर्ज कराई थी. प्राचीनकाल का यह इलाका साल 1972 में विधानसभा बनाया गया था. यहां के पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के वीपी सिंह ने जीत हासिल की थी. इस सीट से कांग्रेस लगातार चार बार और कुल पांच बार जीत दर्ज करा चुकी है.पंजाबी और सिक्खों का कहा जाता है कालकाजी कालकाजी विधानसभा सीट के अंतर्गत महारानी बाग, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, भारत नगर, ईस्ट ऑफ कैलाश, सुखदेव विहार, गोविंदपुरी इलाके शामिल हैं. यहां बड़ी संख्या में पंजाबी और सिख समुदाय के लोग रहते हैं. हालांकि मीडिया रिपोटर्स के मुताबिक जातीय समीकरण के आधार पर एक अलग-अलग धर्मों और जातियों का एक आंकड़ा यह भी बताया जाता है कि यहां पर 8 फीसदी सिख आबादी, 25 पंजाबी, 22 ओबीसी, 10 ब्राह्मण, 9 वैश्य, 4 गुर्जर, एससी 15,  मुस्लिम 6 और दो फीसदी अन्य हैं.इस विधानसभा की पहचान है कालकाजी मंदिर और लोटस टैंपल कालकाजी विधानसभा का नाम सुनाई देते ही सबसे पहले ज़ेहन में आता है काली देवी का मंदिर. और इसी के साथ जिक्र उठता है लोटस टैंपल का. दिल्ली ही नहीं देश के दूसरे इलाकों से भी श्रद्धालू काली देवी के मंदिर कालकाजी पहुंचते हैं. मोबाइल, लैपटॉप सहित दुनियाभर के गैजेट्स का बड़ा बाज़ार कहा जाने वाला नेहरू प्लेस का इलाका भी कालकाजी से सटा हुआ है. यह दिल्ली का बहुत ही रिच इलाका माना जाता है.
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First published: February 11, 2020, 9:16 AM IST



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