Dainik Bhaskar

Feb 09, 2020, 01:10 PM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. चीन से चला कोरोनावायरस का खतरा भारत में भी पहुंच चुका है। कोरोनावायरस भी एक तरह का फ्लू ही है, जिसके लक्षण आमतौर पर सर्दी-जुकाम जैसे दिखते हैं, जैसे कफ़, गले में सूजन, सिरदर्द, तेज बुखार और सांस लेने में दिक्कत। तमाम फ्लू की तरह यह भी उन लोगों को ज्यादा प्रभावित करता है, जिनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी कमजोर होती है।

रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का कोई जादुई फॉर्मूला नहीं है। लेकिन नियमित तौर पर कुछ कुदरती उपाय आजमाकर हम आने वाले दिनों में अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी कर सकते हैं और इस तरह कोरोनावायरस ही नहीं, बल्कि इसी प्रकार की कई अन्य बीमारियों से भी अपना बचाव कर सकते हैं। आइए आज इन्हीं उपायों के बारे में जानते हैं।

1. जल्दी उठिए, पर पर्याप्त नींद के बाद
इम्युनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में नियमित जीवनशैली की विशेष भूमिका होती है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है सुबह के वक्त जल्दी उठना। जल्दी उठने का मतलब है गर्मी के दिनों में सुबह 5 से 6 बजे के बीच और सर्दियों में 6 से 7 बजे के बीच बिस्तर छोड़ देना। लेकिन जल्दी उठने का मतलब यह भी नहीं है कि आपको आधी-अधूरी नींद लेनी है। रोजाना कम से कम 7 घंटे (और अधिकतम 8 घंटे) की नींद जरूरी है। कम नींद से शरीर में कॉर्टिसोल नामक हॉर्मोन के लेवल में बढ़ोतरी होती है। यह हॉर्मोन न केवल तनाव बढ़ाता है, बल्कि हमारे इम्युनिटी सिस्टम को भी कमजोर करता है।

2. धूप खाएं, कसरत या योग भी करें
जल्दी उठने के साथ ही नियमित तौर पर वॉकिंग और कसरत या योग करना भी जरूरी है। हल्के हाथों से शरीर की मालिश भी करेंगे तो और भी बेहतर रहेगा। मॉर्निंग वॉक, मालिश और कसरत/योग से शरीर में ऐसे एंजाइम्स और हॉर्मोन स्रावित होते हैं जो हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कोरोनावायरस जैसे फ्लू से भी बचाव करने में सहायक होते हैं। साथ ही यह भी कोशिश करें कि मॉर्निंग वॉक और कसरत का समय ऐसा हो कि आपके शरीर को सुबह की 20 से 30 मिनट तक धूप भी मिल सके। मॉयो क्लीनिक सहित कई संस्थानों द्वारा की गई रिसर्च में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि सुबह की धूप रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार होती है।

3. सुबह का नाश्ता जरूर लें
रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मेटाबॉलिज्म का महत्व होता है। हमारा मेटाबॉलिज्म जितना अच्छा होगा, हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी उतनी ही बेहतर होगी। मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए न केवल सुबह का नाश्ता जरूरी है, बल्कि चार-चार घंटे के अंतराल पर कुछ हेल्दी खाना भी आवश्यक है। अपनी डाइट में रोजाना दही या छाछ (मठा) अथवा दूध-पनीर जैसी चीजों को भी अवश्य शामिल करें जिनके गुड बैक्टीरिया आपको बीमार होने से बचाएंगे।

4. लहसुन, अदरक, खट्‌टे फल खाइए
लहसुन, अश्वगंधा और अदरक जैसी हर्ब्स में हमारी इम्युनिटी को बढ़ाने की क्षमता होती है और ये शरीर को संक्रमणों से लड़ने के लिए तैयार करती हैं। इनमें से सभी या किसी एक का भी अगर नियमित रूप से सेवन करेंगे तो संक्रमण होने की आशंका काफी हद तक कम हो जाएगी। रोज की डाइट में कुछ खट्‌टे फल भी जरूर शामिल कीजिए। ये नींबू से लेकर संतरे, मौसंबी तक कुछ भी हो सकते हैं। अगर ये न खा सकें तो रोजाना कम से कम एक आंवला खाना भी पर्याप्त होगा। खट्‌टे फल विटामिन सी के अच्छे स्रोत होते हैं जो फ्री रेडिकल्स के असर को कम कर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।

5. ज्यादा से ज्यादा पानी पीजिए
रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का यह सबसे आसान तरीका है कि खूब पानी पीजिए (किडनी रोगी ऐसा न करें)। आप जितना ज्यादा पानी पिएंगे, शरीर के टॉक्सिन्स उतने ही बाहर निकलेंगे और आप संक्रमण से मुक्त रहेंगे। अगर आप रोजाना दिन में एक या दो बार शहद या तुलसी का पानी पीने की आदत डाल लेते हैं तो और भी बेहतर रहेगा। ग्रीन टी भी पी सकते हैं। लेकिन केवल इस उपाय के सहारे न बैठें। रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए ऊपर बताए गए उपायों में सभी या कुछ को नियमित आजमाना बेहद जरूरी है।



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