• वैज्ञानिकों का दावा, हर 5-10 साल में बैटरी बदलने के लिए नहीं करानी होगी सर्जरी
  • धड़कनों की गतिज ऊर्जा को बिजली में बदलेगी किट

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 07:47 AM IST

हेल्थ डेस्क. शरीर में पेसमेकर इम्प्लांट लगाने के बाद हर 5-10 साल में बैटरी बदलने के लिए हाेने वाली सर्जरी से अब बचा जा सकेगा। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एक ऐसी किट बनाई है जो हृदय की धड़कनों से बिजली बनाकर इम्प्लांट को ऊर्जा देती है। इसमें लगी किट धड़कनों से निकलने वाली गतिज ऊर्जा को बिजली में बदलेगी जिससे इम्प्लांटेड डिवाइस रिचार्ज हो सकेंगे।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here