Dainik Bhaskar

Oct 05, 2019, 03:12 PM IST

हेल्थ डेस्क. जिन लोगों का वजन कम है, वे हेल्दी डाइट के साथ ही नियमित रूप से कुछ योगासन भी करें तो फायदा मिलेगा। ये आसन भूख बढ़ाने में भी आपकी मदद करते हैं। योग विशेषज्ञ कल्पना कुंभारे से जानिए उन 4 योगासनों के बातरे में जो वजन बढ़ाने में मदद करते हैं। 
 

भुजंगासन

  1. आसन

    कैसे करें: आसन पर पेट के बल लेट जाएं। दोनों पैर सीधे और मिलाकर रखें। अपनी हथेलियों को जमीन पर कंधों से थोड़ा बाहर की ओर रखें। सिर को जमीन पर रखें और आंखें बंद कर लें। सम्पूर्ण शरीर को शिथिल रखें। अब धीरे-धीरे सिर, गर्दन तथा कंधों को ऊपर उठाएं। सिर उठाते समय सांस गहरी और धीरे लेना है। अब सांस और मेरुदंड के प्रति सजग रहें। इस दौरान शरीर को इतना ऊपर उठाएं की पीठ धनुषाकार की स्थिति में आए। अपने सिर को पीछे की ओर झुकाएं। यह आसन की अंतिम स्थिति है। इस स्थिति में अपनी क्षमता अनुसार सांस रोककर रखें। अब पूर्व की स्थिति में वापस आने के लिए धीरे से सिर को आगे लाएं और हाथों को मोड़कर शरीर को नीचे करें। सिर को जमीन पर रखें। शरीर को आगे लाएं और हाथों को मोड़कर शरीर को नीचे रखें। पूर्व स्थिति में वापस आते समय सांस धीरे-धीरे छोड़ें। 4 से 5 चक्र तक यह अभ्यास करें।

     

    सावधानी: अल्सर, हर्निया, टी. बी. रोगियों को यह आसन नहीं करना चाहिए। 

     

    फायदा: भूख बढ़ाने में मदद करता है। वजन बढ़ाने वाले लोगों के लिए फायदेमंद है। कब्ज दूर करता है। फेफड़ों को मजबूत बनाने में सहायक है। अस्थमा से बचाने में मदद करता है। 

  2. वज्रासन

    आसन

    कैसे करें : आसन पर घुटनों के बल बैठ जाएं। अपने पैरों के अंगूठों को एक साथ जोड़कर रखें और एड़ियों को अलग-अलग रखें। अब शरीर का पूर्ण भार पैरों के पंजों के भीतरी भाग के ऊपर रखें। हाथों को घुटनों पर रखें। पीठ और सिर एक सीध में रखें, परन्तु तनाव रहित रहें। मेरुदंड सीधा रखें। अब आंखों को बंद करें और सांसो की ओर ध्यान दें।

     

    फायदा: सम्पूर्ण पाचन-तंत्र की कार्यक्षमता को बढ़ाता है। पेट संबधित रोगों में आराम देता है। मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। भोजन के तुरंत बाद कम से कम 5 से 7 मिनिट तक इसे करने से पाचन क्रिया तीव्र होती है। 

  3. पवनमुक्तासन

    आसन

    कैसे करें: शवासन की स्थिति में लेट जाएं। गहरी सांस लें। अब दोनों घुटनों को मोड़ें। सांस छोड़ते हुए जांघों को छाती के पास लाएं। हाथों से पैरों को कसकर पकड़ें। सांस को बाहर रोककर सिर और कंधों को उठाकर रखें। नाक और सिर को दोनों घुटनों के बीच में रखने का प्रयास करें। अब थोड़ी देर इसी स्थिति में रहें। सांस लेते हुए सिर,कंधे और पैरों को नीचे लाएं। यह अभ्यास 3 से 5 बार करें। 

     

    सावधानी: हाई बी.पी., साइटिका, स्लिपडिस्क जैसे रोग में यह आसन न करें।

     

    फायदा:  मांसपेशियों में मजबूती लाता है। पाचन तंत्र में लाभकारी है। गैस और कब्ज की समस्या को दूर करने में फायदेमंद है।

  4. मत्स्यासन

    आसन

    कैसे करें: पद्मासन में बैठकर गहरी सांस लें। हाथों और कोहनियों का सहारा देते हुए शरीर को पीछे की ओर झुकाएं। छाती को ऊपर उठाएं और सिर को पीछे की ओर झुकाएं। सिर के ऊपरी भाग को जमीन से टिकाएं। हाथों काे सीधा करते हुए पैरो के अंगूठे को पकड़ें। सिर को इतना पीछे ले जाएं कि पीठ धनुषाकार हो सकें। अब हाथों एवं शरीर को आराम की स्थिति में लाएं। इस क्रिया को दाेहराएं। 

     

    सावधानी: हृदय और हर्निया के मरीज इसे न करें। पीठ-दर्द हो तो यह आसन न करें।

     

    फायदा: यह आसन पेट एवं आंतों में खिंचाव उत्पन्न करता है। कब्ज दूर करता है। भूख बढ़ाता है। मांसपेशियों को मजबूत करता है। इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है।



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