Dainik Bhaskar

Jul 30, 2019, 01:08 PM IST

बारिश के मौसम मेँ वातावरण मेँ नमी बढ़ जाती है जिस वजह से मच्छरों की तादात भी बढ़ जाती है। ऐसे मेँ मच्छर के काटने से वायरल इंफेक्शन हो जाता है जो चिकनगुनिया का कारण बनता है। इस बीमारी के लक्षण मच्छरों के काटने के 3 से 7 दिन के बाद व्यक्ति में नज़र आते हैं। 

चिकनगुनिया के प्रमुख लक्षण-

चिकनगुनिया में व्यक्ति को बुखार और जोड़ों के दर्द की शिकायत होने लगती है। वहीं कुछ लोगों में इसके सिरदर्द, मतली, दाने और थकान जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं। इसलिए ये सलाह दी जाती है कि इन लक्षणों के दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

इसके साथ ही कुछ ऐसी खाने की वस्तुएँ हैं जो चिकनगुनिया से बचने में मदद करते हैं। आइये जानते हैं उन खाद्य प्रदार्थों के बारे में। 

सेब और कच्चा केला। 

चिकनगुनिया होने के बाद आप सेब और कच्चे केले खाने से इस बीमारी से उबरने में मदद मिलती है। सेब फाइबर का अच्छा स्रोत माना जाता है जिससे पाचन तंत्र साफ होता है व कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है।

विटामिन-सी और विटामिन-ई से भरपूर खाद्य पदार्थ –

पर्याप्त मात्रा में विटामिन-सी और विटामिन-ई का सेवन करने से चिकनगुनिया का खतरा कम हो जाता है। इसके सेवन से मांसपेशियों, हड्डियों और रक्त वाहिकाओं के निर्माण में मदद मिलती है। वहीं ये खाद्य प्रदार्थ दिल के दौरे से बचाता है। इसके साथ ही आप अमरूद, पीली शिमला मिर्च, कीवी और स्ट्रॉबेरीज़ का सेवन भी कर सकते हैं। 

ओमेगा-3 होगा फायदेमंद  –

चिकनगुनिया से उबरने के लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त खाद्य पदार्थों और सप्लीमेंट्स का सेवन करना चाहिए। इसका सेवन एसिड रक्त के थक्कों को कम करता है और दिमाग के लिए भी अच्छा होता है।

पत्ते वाली सब्जियां –

चिकनगुनिया को रोकने के लिए पत्तेदार सब्जियां सबसे अच्छे खाद्य पदार्थों में से एक हैं। इन सब्जियों में कम कैलोरी होती है और पचाने में भी आसानी होती है। 

तरल खाद्य पदार्थ –

तरल पदार्थ जैसे सूप, दाल या ग्रेवी भी चिकनगुनिया से जल्दी उबरने में मदद करते हैं। खासकर बीन्स, मांस या मछली का सूप फायदेमंद साबित हो सकता है।

 



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