• जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने प्रस्ताव पारित किया- कश्मीर भारत का अभिन्न अंग
  • जमीयत ने कहा- कश्मीरी लोगों के मानव अधिकारों और लोकतंत्र का सरंक्षण हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य
  • मदनी ने कहा- एनआरसी को देशभर में लागू करने में कोई दिक्कत नहीं, पता चल जाएगा कितने घुसपैठिए हैं

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2019, 01:40 PM IST

नई दिल्ली. मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने गुरुवार को एक प्रस्ताव पारित किया। जमीयत के महासचिव महमूद मदनी ने कहा कि महासभा की बैठक में यह प्रस्ताव में पास किया गया है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। जम्मू-कश्मीर के लोग भी भारतीय ही हैं। वे हमसे किसी प्रकार अलग नहीं हैं।

 

मदनी ने कहा, ‘‘कश्मीर हमारा था, हमारा है, हमारा रहेगा। जहां भारत है वहां हम। हम देश की सुरक्षा और अखंडता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे। यही सब प्रस्ताव में पास हुआ है। भारत हमारा देश और हम इसके लिए हमेशा खड़े हैं। कोई भी अलगाववादी अभियान देश और कश्मीर दोनों के लिए  घातक है। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह जताने की कोशिश कर रहा है कि भारतीय मुस्लिम अपने देश के खिलाफ हैं। हम इसकी निंदा करते हैं।’’

 

भारत के साथ ही कश्मीर का कल्याण

जमीयत ने कहा, ‘‘हमें महसूस होता है कि कश्मीरी लोगों के मानव अधिकारों और लोकतंत्र का सरंक्षण हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है। फिर भी हम विश्वास करते हैं कि भारत के साथ मिलने में ही उनका विकास और कल्याण है। हालांकि कुछ असामाजिक, आपराधिक तत्व और पड़ोसी देश कश्मीर को तबाह करने की साजिश कर रहे हैं।’’

 

एनआरसी से कोई दिक्कत नहीं: मदनी

यदि केंद्र सरकार देशभर में नेशनल सिटिजन रजिस्टर (एनआरसी) लागू करे, तो क्या होगा? इस सवाल पर मदनी ने कहा, ‘‘मेरी इच्छा होती है मैं इसे सारे मुल्क में करने की मांग करूं, जिससे पता चल जाएगा कि घुसपैठिए कितने हैं। जो असली हैं, उन पर भी दाग लगाया जाता है, तो पता चल जाएगा। मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है।’’

 

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