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 Mauni Amavasya date 20202 माघ का महीना जप, तप, स्नान और ध्यान के लिए विशेष महत्व रखता है। माघ के महीने में ही पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य कमाया जाता है। इसमें पड़ने वाली अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं। इस अमावस्या का विशेष महत्व होता है क्योंकि इसमें मौन रहकर व्रत, स्नान और ध्यान किया जाता है। इस बार 24 जनवरी 2020 को मौनी अमावस्या है। इस बार की मौनी अमावस्या बेहद खास रहने वाली है। 24 जनवरी को ही न्यायाधिपति ग्रह शनि 30 वर्षों के बाद मकर राशि में प्रवेश करेंगे।

मौनी अमावस्या का महत्व (Significance of Mauni Amavasya)
शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन सभी पवित्र नदियों और पतितपाविनी मां गंगा का जल अमृत के समान हो जाता है। इस दिन गंगा स्नान करने से अश्वमेघ यज्ञ करने के समान फल मिलता है। मौनी अमावस्या के दिन व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान, पुण्य तथा जाप करने चाहिए। यदि किसी व्यक्ति की सामर्थ्य त्रिवेणी के संगम अथवा अन्य किसी तीर्थ स्थान पर जाने की नहीं है तब उसे अपने घर में ही प्रात: काल उठकर सूर्योदय से पूर्व स्नान आदि करना चाहिए,गंगा जल ग्रहण करे। स्नान करते हुए मौन धारण करें और जाप करने तक मौन व्रत का पालन करें,इससे चित्त की शुद्धि होती है एवं आत्मा का परमात्मा से मिलन होता है। इस तिथि को मौन एवं संयम की साधना,स्वर्ग एवं मोक्ष देने वाली मानी गई है।

मौनी अमावस्या पर दान का महत्व
वैसे तो हर महीने की अमावस्या तिथि पर दान का विशेष महत्व होता है। 24 जनवरी को पड़ने वाली अमावस्या बेहद खास है। इस दिन तिल, तेल, कंबल, कपड़े और धन का दान करना चाहिए। जिसकी कुंडली में शनि भारी है उनके लिए इन चीजों का दान करना जरूरी बन जाता है।

मौनी अमावस्या और शनि का राशि परिवर्तन
मौनी अमावस्या पर ही शनि ढाई साल के बाद राशि बदलेंगे। शनि धनु से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। शनि के राशि बदलने पर मकर, धनु और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी। जबकि वृश्चिक राशि पर से साढ़ेसाती उतर जाएगी।

मौनी अमावस्या का शुभ मुहूर्त
अमावस्या तिथि प्रारम्भ (24 जनवरी 2020)- सुबह 2 बजकर 17 मिनट से
अमावस्या तिथि समाप्त (25 जनवरी 2020)- अगले दिन की सुबह 3 बजकर 11 मिनट तक 
 

 Mauni Amavasya date 20202 माघ का महीना जप, तप, स्नान और ध्यान के लिए विशेष महत्व रखता है। माघ के महीने में ही पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य कमाया जाता है। इसमें पड़ने वाली अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं। इस अमावस्या का विशेष महत्व होता है क्योंकि इसमें मौन रहकर व्रत, स्नान और ध्यान किया जाता है। इस बार 24 जनवरी 2020 को मौनी अमावस्या है। इस बार की मौनी अमावस्या बेहद खास रहने वाली है। 24 जनवरी को ही न्यायाधिपति ग्रह शनि 30 वर्षों के बाद मकर राशि में प्रवेश करेंगे।

मौनी अमावस्या का महत्व (Significance of Mauni Amavasya)
शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन सभी पवित्र नदियों और पतितपाविनी मां गंगा का जल अमृत के समान हो जाता है। इस दिन गंगा स्नान करने से अश्वमेघ यज्ञ करने के समान फल मिलता है। मौनी अमावस्या के दिन व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान, पुण्य तथा जाप करने चाहिए। यदि किसी व्यक्ति की सामर्थ्य त्रिवेणी के संगम अथवा अन्य किसी तीर्थ स्थान पर जाने की नहीं है तब उसे अपने घर में ही प्रात: काल उठकर सूर्योदय से पूर्व स्नान आदि करना चाहिए,गंगा जल ग्रहण करे। स्नान करते हुए मौन धारण करें और जाप करने तक मौन व्रत का पालन करें,इससे चित्त की शुद्धि होती है एवं आत्मा का परमात्मा से मिलन होता है। इस तिथि को मौन एवं संयम की साधना,स्वर्ग एवं मोक्ष देने वाली मानी गई है।

मौनी अमावस्या पर दान का महत्व
वैसे तो हर महीने की अमावस्या तिथि पर दान का विशेष महत्व होता है। 24 जनवरी को पड़ने वाली अमावस्या बेहद खास है। इस दिन तिल, तेल, कंबल, कपड़े और धन का दान करना चाहिए। जिसकी कुंडली में शनि भारी है उनके लिए इन चीजों का दान करना जरूरी बन जाता है।

मौनी अमावस्या और शनि का राशि परिवर्तन
मौनी अमावस्या पर ही शनि ढाई साल के बाद राशि बदलेंगे। शनि धनु से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। शनि के राशि बदलने पर मकर, धनु और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी। जबकि वृश्चिक राशि पर से साढ़ेसाती उतर जाएगी।

मौनी अमावस्या का शुभ मुहूर्त
अमावस्या तिथि प्रारम्भ (24 जनवरी 2020)- सुबह 2 बजकर 17 मिनट से
अमावस्या तिथि समाप्त (25 जनवरी 2020)- अगले दिन की सुबह 3 बजकर 11 मिनट तक 
 





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