• कजरोल ने कहा- अक्सर मीडिया दुर्घटना के पीछे खराब सड़कों को दोष देती है
  • डिप्टी सीएम बोले- ज्यादा जुर्माने के पक्ष में नहीं, कैबिनेट की बैठक में संशोधन पर फैसला होगा

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2019, 04:33 PM IST

बेंगलुरू. कर्नाटक में तीन उप-मुख्यमंत्रियों में से एक गोविंद कजरोल का कहना है कि सड़क दुर्घटनाएं रोड की खराब स्थिति के कारण नहीं, बल्कि उसकी अच्छी हालत के कारण होती है। उनका यह बयान तब आया है, जब केंद्र सरकार ने नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया है। कर्नाटक की भाजपा सरकार जुर्माने की राशि को कम करने के पक्ष में है।

 

कजरोल ने कहा, “राज्य में हर साल करीब 10 हजार सड़क दुर्घटनाएं दर्ज होती हैं। मीडिया इसके लिए खराब सड़कों को दोष देती है, लेकिन मेरा मानना है कि यह घटनाएं अच्छी सड़कों की वजह से होती हैं। अधिकतर घटनाएं राजमार्ग पर होती हैं। मैं अत्यधिक जुर्माने के पक्ष में नहीं हूं। हम लोग कैबिनेट की बैठक में जुर्माने की अधिक राशि के संशोधन पर निर्णय करेंगे।” पिछले महीने ही येदियुरप्पा सरकार ने तीन उप-मुख्यमंत्री नियुक्त किए थे। इसमें कजरोल के अलावा डॉ. अश्वथ नारायण और लक्ष्मण सावदी शामिल हैं।

 

गोवा और महाराष्ट्र भी नए व्हीकल एक्ट से सहमत नहीं

भाजपा शासित राज्य कर्नाटक, महाराष्ट्र और गोवा भी केंद्र के नए कानून के खिलाफ खुलकर सामने आए हैं। इन राज्यों ने मानवीयता के आधार पर जुर्माने की अधिक राशि में कटौती करने का निर्णय लिया है।

 

कोई भी राज्य जुर्माने में कटौती करने के लिए स्वतंत्र: गडकरी

नए कानून के तहत जुर्माने की राशि की काफी आलोचना हो रही है। शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जुर्माने की राशि 2000 से बढ़ाकर 10,000 किया गया है। बिना सीट बेल्ट पहनकर गाड़ी चलाने पर यह राशि 100 रु. से बढ़कर 1000 रु. कर दी गई। वहीं, गाड़ी चलाते हुए मोबाइल फोन के इस्तेमाल करने पर 1000-5000 रु. का जुर्माना बढ़ाया गया है। परिवहन मंत्री गडकरी ने स्वीकार किया था कि किसी भी राज्य को जुर्माने की राशि में कटौती करने का पूरा अधिकार है, लेकिन किसी भी घटना की जिम्मेदारी सिर्फ उनकी होगी। 

 

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