बिहारः शिक्षा मंत्री के आवास पर फरियाद करने गए बेतिया के छात्रों को मिली पुलिस की लाठियां

बेतिया के जीएम कॉलेज के छात्रों पर पटना पुलिस ने बरसाई लाठियां.

बेतिया के जीएम कॉलेज (GM College) में निर्धारित सीट से अधिक नामांकन के बाद इंटर परीक्षा (Inter Exam) से वंचित होने वाले छात्र शिक्षा मंत्री (education minister) के पास फरियाद लेकर पहुंचे तो पुलिस ने बरसाई लाठियां.

पटना. पश्चिम चंपारण के जिला मुख्यालय बेतिया के जीएम कॉलेज (GM College) के 500 छात्रों का भविष्य दांव पर है. छात्रों को ही नहीं, उनके अभिभावकों को भी समझ में नहीं आ रहा है कि आखिकार उन्हें किस जुर्म की सजा मिल रही है. दरअसल, कॉलेज के छात्र और छात्राएं इसलिए परेशान हैं, क्योंकि उनका इस साल फरवरी में होने वाली इंटर की परीक्षा में बैठना अब संभव नहीं है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (Bihar School Examination Board) ने इन विद्यार्थियों का नामांकन इसलिए रद्द कर दिया है, क्योंकि इनके कॉलेज में निर्धारित सीट से अधिक नामांकन कराया गया था.

समस्या लेकर पटना आए छात्र
छात्र विद्यालय प्रबंधन से लेकर, शिक्षा विभाग और सरकार से जानना चाहते हैं कि आखिर पूरे मामले में उनका क्या कसूर है? अपनी समस्या लेकर सैकड़ों विद्यार्थी रविवार को बेतिया से राजधानी पटना पहुंचे. छात्रों ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में गुहार लगाई. लेकिन उन्हें वहां से बैरंग लौटा दिया गया. तब ये छात्र सीधे प्रदर्शन करते हुए शिक्षा मंत्री उपेंद्र वर्मा के आवास पर पहुंच गए. इसी बीच पुलिस को सूचना मिल गई और पुलिस ने मौके पर पहुंच कर छात्रों के ऊपर लाठीचार्ज कर दिया. लाठीचार्ज में किसी छात्र का हाथ टूट गया तो किसी की पीठ में गंभीर चोट आई. वहीं कुछ का सिर फट गया. प्रदर्शन में शामिल कुछ अभिभावकों को भी चोट आई है.

पुलिस ने कहा- प्रतिबंधित क्षेत्र में थे छात्रलाठीचार्ज को लेकर जब न्यूज 18 ने पुलिस से सवाल किया, तो सचिवालय थानाध्यक्ष रघुनाथ प्रसाद ने कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्र में बगैर अनुमति के प्रदर्शन करना गैर कानूनी है. इसलिए छात्रों को केवल मंत्री आवास से  हटाया गया है. हैरानी की बात है कि छात्रों को पिटाई में आई चोट के बाद पुलिस उन्हें थाना ले गई और काफी देर बाद  छोड़ा.

पीएमसीएच में कहा- पहले केस करो
लाठीचार्ज में घायल छात्र जब इलाज कराने पीएमसीएच पहुंचे तो उन्हें पहले पुलिस में केस कराने की नसीहत दी गई. कहा गया कि केस दर्ज होने के बाद ही इलाज होगा. छात्रों ने बताया कि न सिर्फ बेतिया में, बल्कि बिहार के कई जिलों में इस तरह से नामांकन के नाम पर छात्रों के साथ खिलवाड़ किया जाता है. प्रदर्शन में आए अभिभावकों ने कहा कि पूरे प्रदेश में 25 हजार से अधिक छात्र यह परेशानी झेल रहे हैं.परीक्षा समिति ने खड़े किए हाथ
एक तरफ जहां निर्धारित से अधिक नामांकन की मार छात्रों को झेलनी पड़ रही है, वहीं इस मामले में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने सीधे हाथ खड़े कर दिए हैं. समिति का तर्क है कि निर्धारित सीट से अधिक नामांकन के मामले में समिति पहले ही फैसला कर चुकी है. ऐसे में इन छात्रों के बारे में  कुछ भी नहीं किया जा सकता.

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First published: January 12, 2020, 11:30 PM IST





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