Friday, October 30, 2020
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Sawan 2020 Somvar Puja Vrat Vidhi – Sawan 2020: सावन में व्रत रखने के कुछ नियम, विवाह में आ रही बाधा भी होती है दूर



सावन में विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सौभाग्य के लिए सावन के सोमवार का व्रत रखती हैं।

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सावन का पवित्र महीना आरंभ हो चुका है। सावन के महीने में भगवान शिव (महेश) की पूजा की जाती है। सावन में विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सौभाग्य के लिए सावन के सोमवार का व्रत रखती हैं। विवाहित महिलाओं के अलावा अविवाहित महिलाएं भी पार्वती और शिव जी की आराधना पूरे महीने करते हैं साथ ही 16 सोमवार का व्रत भी रखती है। मान्यता है जो भी सावन के महीने में सोमवार का व्रत रखती है उनका विवाह जल्दी संपन्न हो जाता है। साथ ही विवाह में आ रही बाधा भी दूर हो जाती है। आइए जानते हैं सावन सोमवार का व्रत रखते समय क्या -क्या करना चाहिए।सावन सोमवार व्रत की पूजा विधि, पूजा के समय इन बातों का रखें ध्यान- सावन के महीने में आम दिनों के मुकाबले जल्दी उठना चाहिए।- जल्दी उठकर नित्यक्रिया करने के बाद नहाने के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदे डालकर स्नान करना चाहिए।- नहाने के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करना ना भूले साथ ही जल में हल्दी और अक्षत भी डालें।- इसके बाद शिवलिंग पर जल और गंगाजल अर्पित करें।- विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए गंगाजल के अतिरिक्त दूध, दही, शहद, घी आदि से अभिषेक किया जाता है।- जलाभिषेक करते हुए लगातार ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए।- पूजा सामग्रियों में सफेद फूल, बिल्व पत्र, मदार के फूल, शमी के पत्ते, भांग और धतूरा को जरूर शामिल करना चाहिए।- पूजन करते समय जाप भी बेहद आवश्यक माना गया है। इसलिए लगातार महामृत्युंजय मंत्र, भगवान शिव का पंचाक्षरी मंत्र या अन्य मंत्रों को जरूर जपें।- भगवान शिव की पूजा माता पार्वती संग करना चाहिए।- पूजा के अंत में शिव आरती या शिव चालीसा का पाठ जरूर करें।6 जुलाई से शुरू हो रहा है सावन का महीना, उससे पहले जान लें भगवान शिव की पूजा के नियमसावन सोमवार का महत्वसावन में पड़ने वाले सोमवार के दिन भगवान शिव की विशेष पूजा होती है। इस साल सावन में अद्भुत संयोग बन रहा है। श्रावण माह की शुरूआत सोमवार से हो रही है और इसका अंत भी सोमवार के दिन होगा। सावन में इस बार पांच सोमवार पड़ रहे हैं। पहला सोमवार 6 जुलाई को, दूसरा 13 जुलाई को, तीसरा 20 जुलाई को, चौथा 27 जुलाई को और पांचवां व अंतिम सोमवार 3 जुलाई को पड़ रहा है। इसी दिन सावन माह भी समाप्त होगा।सावन कथाधार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने से जीवन से सभी तरह की परेशानियों से छुटकारा मिलता है। भगवान शंकर जी का जलाभिषेक करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति हो जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार, कहा जाता है कि सृष्टि को बचाने के लिए देवासुर संग्राम में समुद्र मंथन से निकले विष को शिव जी ने पी लिया था। इससे उनका शरीर बहुत ही ज्यादा गर्म हो गया जिससे शिवजी को काफी परेशानी होने लगी थी।  

सावन का पवित्र महीना आरंभ हो चुका है। सावन के महीने में भगवान शिव (महेश) की पूजा की जाती है। सावन में विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सौभाग्य के लिए सावन के सोमवार का व्रत रखती हैं। विवाहित महिलाओं के अलावा अविवाहित महिलाएं भी पार्वती और शिव जी की आराधना पूरे महीने करते हैं साथ ही 16 सोमवार का व्रत भी रखती है। मान्यता है जो भी सावन के महीने में सोमवार का व्रत रखती है उनका विवाह जल्दी संपन्न हो जाता है। साथ ही विवाह में आ रही बाधा भी दूर हो जाती है। आइए जानते हैं सावन सोमवार का व्रत रखते समय क्या -क्या करना चाहिए।

सावन सोमवार व्रत की पूजा विधि, पूजा के समय इन बातों का रखें ध्यान

– सावन के महीने में आम दिनों के मुकाबले जल्दी उठना चाहिए।
– जल्दी उठकर नित्यक्रिया करने के बाद नहाने के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदे डालकर स्नान करना चाहिए।
– नहाने के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करना ना भूले साथ ही जल में हल्दी और अक्षत भी डालें।
– इसके बाद शिवलिंग पर जल और गंगाजल अर्पित करें।
– विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए गंगाजल के अतिरिक्त दूध, दही, शहद, घी आदि से अभिषेक किया जाता है।
– जलाभिषेक करते हुए लगातार ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए।
– पूजा सामग्रियों में सफेद फूल, बिल्व पत्र, मदार के फूल, शमी के पत्ते, भांग और धतूरा को जरूर शामिल करना चाहिए।
– पूजन करते समय जाप भी बेहद आवश्यक माना गया है। इसलिए लगातार महामृत्युंजय मंत्र, भगवान शिव का पंचाक्षरी मंत्र या अन्य मंत्रों को जरूर जपें।
– भगवान शिव की पूजा माता पार्वती संग करना चाहिए।
– पूजा के अंत में शिव आरती या शिव चालीसा का पाठ जरूर करें।6 जुलाई से शुरू हो रहा है सावन का महीना, उससे पहले जान लें भगवान शिव की पूजा के नियमसावन सोमवार का महत्वसावन में पड़ने वाले सोमवार के दिन भगवान शिव की विशेष पूजा होती है। इस साल सावन में अद्भुत संयोग बन रहा है। श्रावण माह की शुरूआत सोमवार से हो रही है और इसका अंत भी सोमवार के दिन होगा। सावन में इस बार पांच सोमवार पड़ रहे हैं। पहला सोमवार 6 जुलाई को, दूसरा 13 जुलाई को, तीसरा 20 जुलाई को, चौथा 27 जुलाई को और पांचवां व अंतिम सोमवार 3 जुलाई को पड़ रहा है। इसी दिन सावन माह भी समाप्त होगा।सावन कथाधार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने से जीवन से सभी तरह की परेशानियों से छुटकारा मिलता है। भगवान शंकर जी का जलाभिषेक करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति हो जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार, कहा जाता है कि सृष्टि को बचाने के लिए देवासुर संग्राम में समुद्र मंथन से निकले विष को शिव जी ने पी लिया था। इससे उनका शरीर बहुत ही ज्यादा गर्म हो गया जिससे शिवजी को काफी परेशानी होने लगी थी।  



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