धर्म डेस्क, अमर उजाला, Updated Fri, 08 Nov 2019 08:16 AM IST

देवउठनी एकादशी के दिन भगवान शालिग्राम और तुलसी के विवाह की परंपरा है। एक कथा के अनुसार तुलसी ने भगवान विष्णु को पत्थर बनने का श्राप दिया था इसलिए भगवान विष्णु को शालिग्राम बनना पड़ा और इस रूप में उन्होंने माता तुलसी जोकि लक्ष्मी का ही रुप मानी जाती है उनसे विवाह किया। आइए जानते हैं, भगवान विष्णु के रुप शालिग्राम और माता तुलसी से जुड़ी कुछ खास बातें…





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here