Monday, September 21, 2020
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Solar Eclipse 2020 Surya Grahan Timing Date – Solar Eclipse: सदी का दूसरा व वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण बड़े दिन पर, बन रहे हैं विशेष संयोग


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21 जून (रविवार) को सूर्य ग्रहण पड़ेगा। यह इस महीने का दूसरा ग्रहण है। इससे पूर्व पांच जून को उपच्छाया चंद्र ग्रहण लगा था। रविवार को लगने वाला सूर्य ग्रहण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार यह सदी का दूसरा सूर्य ग्रहण होगा, जो बड़े दिन पर लगेगा। इसके बाद यह संयोग 900 वर्ष बाद आएगा। इस दिन अनके संयोग बन रहे हैं। भारद्वाज ज्योतिष व आध्यात्मिक शोध संस्थान के आचार्य पंडित रामचंद्र शर्मा वैदिक के अनुसार सूर्य ग्रहण का सूतक 20 जून की रात 10.20 बजे प्रारंभ होगा, जो 12 घंटे तक रहेगा। दिल्ली व आसपास के क्षेत्रों में ग्रहण का स्पर्श 21 जून को प्रातः 10.20 बजे, मध्य दोपहर 12 .0 1 व मोक्ष दोपहर 01.48 बजे होगा। 21 जून का दिन साल का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। एक महीने में तीन ग्रहण उन्होंने बताया कि एक महीने में तीन ग्रहण लग रहे हैं। ऐसा योग 58 वर्ष पूर्व 1962 जुलाई-अगस्त में बना था। उस समय न्याय के देवता शनि अपनी राशि मकर में उल्टी चाल से चल रहे थे। इस बार भी यही योग है। इसके व्यापक प्रभाव देश-दुनिया मे देखने को मिलेंगे। यह दूसरा ग्रहण है। इसके बाद पांच जुलाई को चंद्र ग्रहण लेगा। आचार्य शर्मा वैदिक ने बताया कि इस सूर्य ग्रहण के वैश्विक प्रभाव दिखाई देंगे। संहिता ग्रन्थों की मान्यता है कि एक माह में दो या दो से अधिक ग्रहण हो तो राजा को कष्ट, आंतरिक विद्रोह, गम्भीर आर्थिक समस्या, प्राकृतिक आपदाएं, हिंसा, लूटपाट आदि प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। 
ज्योतिषाचार्य के अनुसार यह सूर्य ग्रहण मेष, सिंह, कन्या व मकर राशि के जातकों के लिए शुभ होगा, वहीं मिथुन, कर्क, वृश्चिक व मीन राशि के लिए अशुभ तथा वृषभ, तुला, धनु व कुम्भ राशि हेतु मिश्रित प्रभाव वाला रहेगा, जिन राशि के जातकों के लिए ग्रहनाशुभ है वे ग्रहण को नहीं देखे। पुण्यकाल में स्नान, जप व दान अवश्य करें। क्या करें, क्या न करेंसभी राशि के जातक सूर्य ग्रहण स्पर्श के समय स्नान, मध्य में जप, हवन, देवपूजन व मोक्ष के समय स्नान व दान अवश्य करें। ग्रहण को नंगी आंखों से बिल्कुल न देखें। यह ग्रहण उत्तरी राजस्थान, पंजाब, उत्तरी हरियाणा, उत्तराखंड के कुछ भागों में कंकण आकृति व शेष भागों में खण्डग्रास के रूप में दिखाई देगा।यह ग्रहण 21 जून यानी बड़े दिन को घटित हो रहा है। इसलिए महत्वपूर्ण है। साथ ही रविवार को होने से चूड़ामणि योग भी बन रहा है। अगला बड़ा ग्रहण 900 वर्षों के बाद आएगा। देश के अलग-अलग राज्यों में स्पर्श, मध्य व मोक्ष के समय अलग-अलग होंगे।  

सार
21 जून का दिन साल का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार ऐसा संयोग दूसरी बार बना है, जब वर्ष के सबसे बड़े दिन पर सूर्य ग्रहण लग रहा है।

विस्तार
21 जून (रविवार) को सूर्य ग्रहण पड़ेगा। यह इस महीने का दूसरा ग्रहण है। इससे पूर्व पांच जून को उपच्छाया चंद्र ग्रहण लगा था। रविवार को लगने वाला सूर्य ग्रहण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार यह सदी का दूसरा सूर्य ग्रहण होगा, जो बड़े दिन पर लगेगा। इसके बाद यह संयोग 900 वर्ष बाद आएगा। इस दिन अनके संयोग बन रहे हैं। 

भारद्वाज ज्योतिष व आध्यात्मिक शोध संस्थान के आचार्य पंडित रामचंद्र शर्मा वैदिक के अनुसार सूर्य ग्रहण का सूतक 20 जून की रात 10.20 बजे प्रारंभ होगा, जो 12 घंटे तक रहेगा। दिल्ली व आसपास के क्षेत्रों में ग्रहण का स्पर्श 21 जून को प्रातः 10.20 बजे, मध्य दोपहर 12 .0 1 व मोक्ष दोपहर 01.48 बजे होगा। 21 जून का दिन साल का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। 

एक महीने में तीन ग्रहण उन्होंने बताया कि एक महीने में तीन ग्रहण लग रहे हैं। ऐसा योग 58 वर्ष पूर्व 1962 जुलाई-अगस्त में बना था। उस समय न्याय के देवता शनि अपनी राशि मकर में उल्टी चाल से चल रहे थे। इस बार भी यही योग है। इसके व्यापक प्रभाव देश-दुनिया मे देखने को मिलेंगे। यह दूसरा ग्रहण है। इसके बाद पांच जुलाई को चंद्र ग्रहण लेगा। आचार्य शर्मा वैदिक ने बताया कि इस सूर्य ग्रहण के वैश्विक प्रभाव दिखाई देंगे। संहिता ग्रन्थों की मान्यता है कि एक माह में दो या दो से अधिक ग्रहण हो तो राजा को कष्ट, आंतरिक विद्रोह, गम्भीर आर्थिक समस्या, प्राकृतिक आपदाएं, हिंसा, लूटपाट आदि प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। 

इन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव

ज्योतिषाचार्य के अनुसार यह सूर्य ग्रहण मेष, सिंह, कन्या व मकर राशि के जातकों के लिए शुभ होगा, वहीं मिथुन, कर्क, वृश्चिक व मीन राशि के लिए अशुभ तथा वृषभ, तुला, धनु व कुम्भ राशि हेतु मिश्रित प्रभाव वाला रहेगा, जिन राशि के जातकों के लिए ग्रहनाशुभ है वे ग्रहण को नहीं देखे। पुण्यकाल में स्नान, जप व दान अवश्य करें। क्या करें, क्या न करेंसभी राशि के जातक सूर्य ग्रहण स्पर्श के समय स्नान, मध्य में जप, हवन, देवपूजन व मोक्ष के समय स्नान व दान अवश्य करें। ग्रहण को नंगी आंखों से बिल्कुल न देखें। यह ग्रहण उत्तरी राजस्थान, पंजाब, उत्तरी हरियाणा, उत्तराखंड के कुछ भागों में कंकण आकृति व शेष भागों में खण्डग्रास के रूप में दिखाई देगा।यह ग्रहण 21 जून यानी बड़े दिन को घटित हो रहा है। इसलिए महत्वपूर्ण है। साथ ही रविवार को होने से चूड़ामणि योग भी बन रहा है। अगला बड़ा ग्रहण 900 वर्षों के बाद आएगा। देश के अलग-अलग राज्यों में स्पर्श, मध्य व मोक्ष के समय अलग-अलग होंगे।  

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इन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव



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