• चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन ने गाइडलाइन जारी करके बताया भविष्य में कोरोना के दुष्परिणाम के लिए अलर्ट रहें
  • शोधकर्ताओं ने कहा, इलाज के बाद भी भविष्य में आंखों की पुतलियों से लेकर पैर के पंजों तक दिखेगा कोरोना का असर

दैनिक भास्कर

May 16, 2020, 09:33 PM IST

वुहान. कोरोना से रिकवर होने वाले मरीजों में इसका असर लम्बे समय तक दिखेगा। चीनी में हुई रिसर्च में शोधकर्ताओं का कहना है कि फेफड़े, हृदय और लिवर पर इसका असर दिखाई देगा। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह वायरस शरीर के कई हिस्सों पर अटैक करता है इसलिए आंखों की पुतलियों से लेकर पैर के पंजों तक असर दिखेगा। 

चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन ने भी कोरोना से उबरने वाले मरीजों के लिए चेतावनी जारी की है। चीनी अधिकारियों ने गाइडलाइन करते हुए कहा है कि आने वाले समय में कोविड-19 का बुरा असर शरीर के अंगों, मांसपेशियों और दिमाग पर भी दिखाई दे सकता है।

फेफड़े और हृदय के इलाज की जरूरत होगी
गाइडलाइन के मुताबिक, कोरोना से उबर चुके कुछ मरीजों को फेफड़े और हृदय में डैमेज को रोकने के लिए भविष्य में इलाज की जरूरत होगी। वहीं कुछ ऐसे सर्वाइवर भी होंगे जो मांसपेशियों और सायकोलॉजिकल डिसऑर्डर से जूझेंगे।

जितना गंभीर मामला उतना गहरा असर पड़ेगा
चीनी डॉक्टरों के मुताबिक, कोरोना के जिन मरीजों की स्थिति नाजुक थी और उबर चुके हैं उन असर और गहरा होगा। ऐसे मरीजों में हार्ट एरिदिमिया, एंजाइना की समस्या देखने में आ सकती है। यह हृदय के क्षतिग्रस्त होने का इशारा है।

डिप्रेशन से लेकर ईटिंग डिसऑर्डर तक का खतरा
चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन का कहना है कि कोरोना के मरीजों को डिप्रेशन, अनिद्रा, ईटिंग डिसऑर्डर और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। वहीं किडनी इंटरनेशनल मेडिकल जर्नल में प्रकाशित शोध के बताया गया है कोविड-19 और किडनी फैल्योर के बीच सम्बंध पाया गया है। 



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