Tuesday, September 29, 2020
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Yogini Ekadashi 2020 Dont Do These Works In Yogini Ekadashi – Yogini Ekadashi 2020: योगिनी एकादशी कल, भूलकर भी न करें ये काम



योगिनी एकादशी 2020
– फोटो : सोशल मीडिया

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Yogini Ekadashi 2020: योगिनी एकादशी व्रत 17 जून को है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को योगिनी एकादशी कहा जाता है। योगिनी एकादशी व्रत जगत के पालनहार भगवान विष्णु जी के लिए रखा जाता है। हिन्दू मान्यता के अनुसार, योगिनी एकादशी व्रत को करने से 88 हजार ब्राह्राणों को भोजन करने के बराबर का फल मिलता है। योगिनी एकादशी के दिन कुछ विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।जानें योगिनी एकादशी का मुहूर्त, व्रत विधि और धार्मिक महत्व
सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए
एकादशी का दिन भगवान की आराधना का दिन होता है इसलिए इस दिन सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए और शाम के वक्त सोना भी नहीं चाहिए। इसके अलावा इस दिन न तो क्रोध करना चाहिए और न ही झूठ बोलना चाहिए।पढ़ें योगिनी एकादशी की व्रत कथा

चावल का सेवन
योगिनी एकादशी के दिन चावल खाने से मनुष्य रेंगने वाले जीव की योनि में जन्म लेता है इसलिए इस दिन भूलकर भी चावल का सेवन न करें। जो व्यक्ति व्रत नहीं रखते हैं उन्हें भी इस दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए।
खान-पान और व्यवहार में संयम

एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की आराधना और उनके प्रति समर्पण के भाव को दिखाता है। एकादशी के दिन खान-पान और व्यवहार में संयम और सात्विकता का पालन करना चाहिए।
ब्रह्राचार्य का पालन
एकादशी के दिन संयम के साथ पति-पत्नी को ब्रह्राचार्य का पालन करना चाहिए, इसलिए इस दिन शारीरिक संबंध नहीं बनना चाहिए।
लड़ाई-झगड़ों से बचना चाहिए

सभी तिथियों में एकादशी कि तिथि बहुत शुभ मानी गई है। एकादशी का लाभ पाने के लिए इस दिन किसी को कठोर शब्द नहीं कहना चाहिए। लड़ाई-झगड़ों से बचना चाहिए।
योगिनी एकादशी के दिन करें ये शुभ कार्य
एकादशी व्रत के दिन दान अवश्य करना चाहिए।
एकादशी व्रत पर अगर संभव हो तो गंगा स्नान करना शुभ होता है।
विवाह के लिए एकादशी के दिन केसर, केला या हल्दी का दान करें।
एकादशी व्रत का मुहूर्त
एकादशी तिथि प्रारम्भ – जून 16, 2020 को प्रातः 05:40 बजे से
एकादशी तिथि समाप्त – जून 17, 2020 को सुबह 07:50 बजे तक
पारण का समय – प्रातः 05:28 से 08:14 बजे तक (18 जून 2020)

Yogini Ekadashi 2020: योगिनी एकादशी व्रत 17 जून को है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को योगिनी एकादशी कहा जाता है। योगिनी एकादशी व्रत जगत के पालनहार भगवान विष्णु जी के लिए रखा जाता है। हिन्दू मान्यता के अनुसार, योगिनी एकादशी व्रत को करने से 88 हजार ब्राह्राणों को भोजन करने के बराबर का फल मिलता है। योगिनी एकादशी के दिन कुछ विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

जानें योगिनी एकादशी का मुहूर्त, व्रत विधि और धार्मिक महत्व

सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए
एकादशी का दिन भगवान की आराधना का दिन होता है इसलिए इस दिन सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए और शाम के वक्त सोना भी नहीं चाहिए। इसके अलावा इस दिन न तो क्रोध करना चाहिए और न ही झूठ बोलना चाहिए।पढ़ें योगिनी एकादशी की व्रत कथा

चावल का सेवन
योगिनी एकादशी के दिन चावल खाने से मनुष्य रेंगने वाले जीव की योनि में जन्म लेता है इसलिए इस दिन भूलकर भी चावल का सेवन न करें। जो व्यक्ति व्रत नहीं रखते हैं उन्हें भी इस दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए।

खान-पान और व्यवहार में संयम

एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की आराधना और उनके प्रति समर्पण के भाव को दिखाता है। एकादशी के दिन खान-पान और व्यवहार में संयम और सात्विकता का पालन करना चाहिए।

ब्रह्राचार्य का पालन
एकादशी के दिन संयम के साथ पति-पत्नी को ब्रह्राचार्य का पालन करना चाहिए, इसलिए इस दिन शारीरिक संबंध नहीं बनना चाहिए।

लड़ाई-झगड़ों से बचना चाहिए

सभी तिथियों में एकादशी कि तिथि बहुत शुभ मानी गई है। एकादशी का लाभ पाने के लिए इस दिन किसी को कठोर शब्द नहीं कहना चाहिए। लड़ाई-झगड़ों से बचना चाहिए।

योगिनी एकादशी 2020
– फोटो : सोशल मीडिया

योगिनी एकादशी के दिन करें ये शुभ कार्यएकादशी व्रत के दिन दान अवश्य करना चाहिए।एकादशी व्रत पर अगर संभव हो तो गंगा स्नान करना शुभ होता है।विवाह के लिए एकादशी के दिन केसर, केला या हल्दी का दान करें।

एकादशी व्रत का मुहूर्तएकादशी तिथि प्रारम्भ – जून 16, 2020 को प्रातः 05:40 बजे सेएकादशी तिथि समाप्त – जून 17, 2020 को सुबह 07:50 बजे तकपारण का समय – प्रातः 05:28 से 08:14 बजे तक (18 जून 2020)



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